UP Cabinet Meeting: भारत-पाकिस्तान बंटवारे के 70 साल बाद CM योगी का बड़ा ऐलान, हजारों परिवारों को जमीन का हक और खेती मजबूत
UP Cabinet Meeting: योगी सरकार ने बंटवारे के समय पाकिस्तान से आए 12,380 परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने का बड़ा फैसला लिया है. इससे खेती, बैंक लोन, सरकारी खरीद और योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा. साथ ही सिंचाई, बस अड्डों और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से किसानों और प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
Yogi Cabinet: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक कई बड़े और असरदार फैसलों के लिए चर्चा में है. इस बैठक में सिर्फ भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय आए 12,380 परिवारों को जमीन का मालिकाना हक देने का ऐतिहासिक फैसला ही नहीं हुआ, बल्कि किसानों के लिए सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने, 25 लाख छात्रों को टैबलेट, निवेशकों को सब्सिडी और दो बड़े पुलों के निर्माण जैसे फैसलों को भी मंजूरी मिली.
करीब 23,984.54 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, बस अड्डों के विकास, भूमि उपयोग प्रक्रिया को आसान बनाने और ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने वाले इन निर्णयों से साफ है कि सरकार ने एक ही बैठक में किसान, शिक्षा, उद्योग और बुनियादी ढांचे-चारों मोर्चों पर बड़ा दांव खेला है. यही वजह है कि यह कैबिनेट बैठक प्रदेश की विकास यात्रा में अहम पड़ाव मानी जा रही है.
बंटवारे में आए 12,380 परिवारों को जमीन का मालिकाना हक
कैबिनेट की सबसे बड़ी और भावनात्मक घोषणा उन परिवारों के लिए रही, जो भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय पाकिस्तान से आकर पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर और बिजनौर में बस गए थे. करीब 70 साल से ये परिवार जमीन पर खेती तो कर रहे थे, लेकिन उनके पास मालिकाना हक नहीं था. अब योगी सरकार ने 12,380 परिवारों को जमीन के स्वामित्व का अधिकार देने का फैसला किया है. इससे ये परिवार न केवल कानूनी रूप से मजबूत होंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी संपत्ति सुरक्षित हो जाएगी. लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने को सामाजिक न्याय और किसान हित में बड़ा कदम माना जा रहा है.
किसानों को लोन, MSP और सिंचाई निवेश से बड़ी राहत
जमीन का हक मिलने के बाद इन परिवारों समेत हजारों किसानों के लिए बैंक लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और MSP पर सरकारी खरीद आसान हो जाएगी. अब तक स्वामित्व न होने की वजह से उन्हें इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था. कैबिनेट ने 23,984.54 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और 8 कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट देकर सिंचाई, जल प्रबंधन और किसान इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट दिया है. बेहतर सिंचाई से खेती की लागत घटेगी, पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आय मजबूत होगी. बस अड्डों के PPP मॉडल विकास से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी भी सुधरेगी.
शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा, 25 लाख छात्रों को टैबलेट
इस बैठक में शिक्षा क्षेत्र को भी बड़ी राहत मिली. सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये और अंशकालिक अनुदेशकों का 9 हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 मई से लागू होगा. इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 2026-27 में 25 लाख छात्रों को टैबलेट देने का फैसला लिया गया. इससे डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण व शहरी युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मदद मिलेगी.
निवेशकों को सब्सिडी, उद्योग और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
राज्य में उद्योग और रोजगार बढ़ाने के लिए औद्योगिक निवेश नीति 2022 के तहत निवेशकों को सब्सिडी देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली. इससे नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना तेज होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 80 में संशोधन से भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया आसान होगी. खासकर औद्योगिक क्षेत्रों और विकास प्राधिकरणों में सिंगल विंडो सिस्टम का लाभ मिलेगा, जिससे निवेशकों को तेज मंजूरी और कम कागजी प्रक्रिया का फायदा होगा.
कन्नौज और कुशीनगर में पुल, सड़क और पर्यटन को नई ताकत
बुनियादी ढांचे के लिहाज से भी यह बैठक काफी अहम रही. सरकार ने कन्नौज में गंगा नदी पर च्यवन ऋषि आश्रम के पास पुल और कुशीनगर में नारायणी नदी के भैंसहा घाट पर दीर्घ सेतु निर्माण को मंजूरी दी है. इन पुलों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार को गति मिलेगी और धार्मिक-पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी. लोक निर्माण विभाग के अन्य प्रस्तावों से सड़क नेटवर्क और ग्रामीण परिवहन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.