Yogi Adityanath letter: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की जनता के नाम एक भावनात्मक ‘पाती’ लिखकर बीते नौ सालों के कामकाज का लेखा-जोखा साझा किया है. इस पत्र में उन्होंने सिर्फ योजनाओं और आंकड़ों की बात नहीं की, बल्कि यह बताने की कोशिश की है कि इन वर्षों में आम लोगों के जीवन में क्या बदलाव आया है. उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश अब विकास की नई राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना चुका है.
मुख्यमंत्री ने लिखा कि यह बदलाव केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-शहर के लोगों के जीवन में महसूस किया जा सकता है. उनके अनुसार, प्रदेश की तरक्की की असली ताकत किसान, महिलाएं और युवा हैं. सरकार ने इन्हीं तीन वर्गों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई हैं और योजनाओं को जमीन पर उतारा है.
किसानों को सहारा और नए अवसर
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया. उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास रहा है कि किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिले और उनका उत्पाद देश-विदेश के बाजार तक पहुंचे. इसी दिशा में कई कदम उठाए गए हैं.
उन्होंने बताया कि अब 16 लाख से अधिक किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है. इससे खेती की लागत में कमी आई है और किसानों को राहत मिली है. पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बड़ी समस्या थी, अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है. सिंचाई सुविधाओं को मजबूत किया गया है और भंडारण व्यवस्था बेहतर बनाने की कोशिशें की गई हैं.
सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ खेती तक सीमित न रहें, बल्कि प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और निर्यात से भी जुड़ें, ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें.
मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,
‘नए भारत’ का ‘नया उत्तर प्रदेश’ नौ वर्षों में नव-निर्माण का स्वर्णिम अध्याय बन चुका है।
प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य की आधारशिला युवा, महिलाएं और अन्नदाता हैं। वंचितों, पिछड़ों एवं दलितों के सम्मान के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।
विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047… pic.twitter.com/ltLBQsx48O
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 23, 2026
युवाओं के लिए नए सपने और नई राह
मुख्यमंत्री ने युवाओं को विकास का इंजन बताया है. उन्होंने लिखा कि प्रदेश में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई पहलें की गई हैं. ‘वन डिविजनल हेडक्वार्टर-वन स्पोर्ट्स कॉलेज’ योजना के तहत खेल प्रतिभाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है.
इसके साथ ही ‘टेक युवा-समर्थ युवा योजना’ और ‘एआई मिशन’ जैसी योजनाएं युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए शुरू की गई हैं. सरकार का मानना है कि डिजिटल और तकनीकी शिक्षा से युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार किया जा सकता है. स्टार्टअप और नवाचार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों और युवा खुद भी उद्यमी बन सकें.
महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में महिलाओं के सशक्तिकरण को भी प्रमुख स्थान दिया है. उन्होंने लिखा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना’, ‘महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड’ और ‘श्रमजीवी महिला छात्रावास’ जैसी योजनाएं लागू की गई हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है और कानून-व्यवस्था में सुधार लाया गया है. शिक्षा के क्षेत्र में भी बेटियों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं. अब बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को दो यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते, मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं, जिससे परिवारों पर खर्च का बोझ कम हुआ है.
जरूरतमंदों के लिए सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 1.06 करोड़ वृद्ध, दिव्यांग और निराश्रित महिलाओं की पेंशन राशि बढ़ाई गई है. उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्ग को सम्मान और सुरक्षा देना है.
इसके अलावा बजट में डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमाओं और स्मारकों के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि सामाजिक समरसता और सम्मान की भावना मजबूत हो.
विकसित यूपी का सपना
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने 2047 तक उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराया. उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और सभी वर्गों की भागीदारी से ही यह सपना साकार होगा.
उन्होंने प्रदेशवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार और जनता मिलकर ही विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ा सकते हैं. उनकी यह पाती एक तरह से बीते नौ सालों की उपलब्धियों का सार भी है और आने वाले वर्षों के लिए दिशा भी.