Maharashtra News: महाराष्ट्र ने कृषि क्षेत्र में इतिहास रच दिया है. राज्य में किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराने की मुहिम ने एक नया मुकाम हासिल किया है. महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने सिर्फ एक महीने में 45,911 सोलर एग्रीकल्चर पंप स्थापित कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. यह उपलब्धि अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने जा रही है.
इस रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा और प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में की जाएगी. यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से बड़ी है, बल्कि यह किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है.
कृषि में ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर बड़ा कदम
पारंपरिक बिजली पर निर्भरता के कारण किसानों को अक्सर सिंचाई के लिए रात में बिजली का इंतजार करना पड़ता था. कई बार कम वोल्टेज, कटौती या ट्रिपिंग की वजह से फसलें प्रभावित होती थीं. लेकिन अब सोलर पंपों के लगने से किसान दिन में ही सिंचाई कर सकेंगे, जिससे उनकी मुश्किलें काफी हद तक कम हो जाएंगी.
सौर ऊर्जा पूरी तरह स्वतंत्र और नवीकरणीय स्रोत है. इसका अर्थ है कि एक बार निवेश होने के बाद किसान 20 से 25 वर्षों तक लगातार मुफ्त बिजली का लाभ उठा सकेंगे.
सरकार की योजना कैसे बदल रही किसानों की जिंदगी
राज्य सरकार की “मागेल त्याला सौर कृषि पंप” योजना हाल के वर्षों में तेजी से आगे बढ़ी है. योजना के तहत किसानों को भारी सब्सिडी दी जाती है.
किसानों के लिए यह योजना इसलिए और भी उपयोगी है, क्योंकि-
- उन्हें अब सिंचाई के लिए बिजली की कटौती का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
- सोलर पैनल धूप में खुद बिजली बनाते हैं और चलाने की लागत शून्य रहती है.
- पंप ग्रिड से जुड़े नहीं होते, इसलिए बिजली बिल का झंझट नहीं रहता.
- लंबे समय तक स्थिर और भरोसेमंद बिजली से फसल की उत्पादकता बढ़ती है.
ऐसे में यह योजना किसानों की आय बढ़ाने और खेती को तकनीक से जोड़ने की दिशा में मजबूत कदम है.
कितनी सब्सिडी मिलती है किसानों को?
योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत दी गई है. 60 फीसदी सब्सिडी राज्य सरकार देती है, 30 फीसदी सब्सिडी केंद्र सरकार देती है और किसानों को सिर्फ 10 फीसदी भुगतान करना पड़ता है.
इसके अलावा SC/ST किसानों को 95 फीसदी तक सब्सिडी, यानी उन्हें केवल 5 फीसदी भुगतान करना पड़ता है. वहीं यह वित्तीय सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में सोलर पंप काफी महंगे होते हैं.
Empowering Maharashtra’s Farmers and Touching Global Heights!
It was great to be a part of the programme where Guinness World Records was conferred to Maharashtra for Mahavitaran’s successful installation of 45,911 Solar Agriculture Pumps within one month under the ‘Magel Tyala… https://t.co/nUHoqHz6k7 pic.twitter.com/lcInJ0PRn1
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) December 5, 2025
सोलर पंप से किसानों को क्या-क्या फायदा?
सौर पंपों के चलते किसानों को कई तरह से राहत मिलती है-
- दिन में निर्बाध सिंचाई
- बिजली बिल का बोझ खत्म
- कम वोल्टेज और कटौती की समस्या नहीं
- पर्यावरण को शून्य प्रदूषण
- फसल उत्पादन में बढ़ोतरी
- बारिश पर निर्भरता कम
राज्य में इस योजना को लेकर उत्साह इतना बढ़ गया है कि पिछले एक साल में ही इसके तहत इंस्टॉलेशन की संख्या कई गुना बढ़ गई है.
महाराष्ट्र सौर क्रांति की ओर
इस विश्व रिकॉर्ड के साथ महाराष्ट्र ने सौर कृषि पंपों के मामले में पूरे देश में नेतृत्व की भूमिका निभाई है. राज्य में सोलराइजेशन की गति बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है.
यह पहल न सिर्फ किसानों को सिंचाई की सुविधा दे रही है, बल्कि उन्हें तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है. आने वाले वर्षों में महाराष्ट्र का लक्ष्य और अधिक गांवों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, जिससे राज्य कृषि और स्वच्छ ऊर्जा दोनों ही क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां छू सके.