lemon plant care tips: घर के बगीचे या गमले में लगा नींबू का पौधा अगर सिर्फ पत्तियां दे रहा है, फूल आकर झड़ जाते हैं या फल बहुत छोटे रह जाते हैं, तो यह समस्या बहुत आम है. ज्यादातर लोग ऐसे में महंगे केमिकल खाद या दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा नतीजा नहीं मिलता. अच्छी बात यह है कि अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको एक देसी और ऑर्गेनिक तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे नींबू के पौधे भर-भर के फल देंगे.
इस खास विधि की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादातर चीजें आपकी रसोई या घर में ही मिल जाती हैं. सही पोषण, पानी का संतुलन, धूप और पॉलिनेशन पर थोड़ा ध्यान देकर आपका नींबू का पौधा गुच्छों में फल देने लग सकता है.
नींबू में फल न आने की असली वजह
अक्सर नींबू के पौधे में फूल तो आते हैं, लेकिन वे गिर जाते हैं. इसकी मुख्य वजह पोषक तत्वों की कमी, पानी का असंतुलन और पॉलिनेशन की कमी होती है. कई बार मिट्टी में आयरन और कैल्शियम की कमी से पौधा कमजोर हो जाता है. अगर इन बारीक बातों को सही तरीके से संभाल लिया जाए, तो पौधा खुद-ब-खुद फल देने लगता है.
प्याज के पानी से मिलेगा जबरदस्त पोषण
नींबू के पौधे में फल लाने के लिए प्याज का पानी एक बहुत ही असरदार घरेलू खाद है. प्याज में मौजूद सल्फर और माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स पौधे की जड़ों को सक्रिय करते हैं. एक प्याज को मोटा काटकर एक लीटर पानी में करीब आधे घंटे तक भिगो दें. इसके बाद प्याज को निकालकर सिर्फ वही पानी पौधे की मिट्टी में डालें. हर 15 दिन में एक बार यह प्रक्रिया दोहराने से पौधे में नई जान आ जाती है और फूल झड़ने की समस्या कम होने लगती है.
मिट्टी मजबूत होगी तो पौधा भी मजबूत बनेगा
नींबू के पौधे की अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी का उपजाऊ होना बहुत जरूरी है. इसके लिए अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद सबसे बेहतर मानी जाती है. इसके साथ थोड़ी सी नीम खली मिला देने से मिट्टी में कीड़े और फंगस नहीं पनपते. यह मिश्रण जड़ों को मजबूत बनाता है और पौधे की ग्रोथ को तेज करता है. जब जड़ें मजबूत होंगी, तभी पौधा ज्यादा फल संभाल पाएगा.
बड़े और रसीले नींबू के लिए कैल्शियम जरूरी
अगर नींबू छोटे रह जाते हैं या फल फटने लगते हैं, तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत है. इसके लिए अंडे के छिलकों को सुखाकर उनका बारीक पाउडर बना लें और मिट्टी में मिला दें. अगर अंडे का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो सफेद चूना या चाक का बहुत थोड़ा सा प्रयोग भी कर सकते हैं. इससे फल मजबूत बनते हैं और उनका साइज भी अच्छा होता है. साथ ही सीवीड का हल्का इस्तेमाल करने से फल ज्यादा रसीले और चमकदार बनते हैं.
आयरन की कमी दूर करेगा गेरू
नींबू के पौधे की पत्तियां अगर पीली पड़ने लगें, तो समझिए कि आयरन की कमी हो रही है. इसे दूर करने के लिए पूजा में इस्तेमाल होने वाला गेरू बहुत काम आता है. गेरू में प्राकृतिक रूप से आयरन पाया जाता है. इसकी थोड़ी सी मात्रा मिट्टी में डालकर ऊपर से मिट्टी से ढक दें. इससे पोषक तत्व धीरे-धीरे जड़ों तक पहुंचते हैं और पौधा हरा-भरा बना रहता है.
फूल झड़ने से रोकने का सबसे बड़ा नियम
फूल आने के बाद सबसे आम गलती होती है ज्यादा पानी देना. नींबू के पौधे को तभी पानी दें, जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे. जरूरत से ज्यादा पानी देने पर फूल झड़ जाते हैं. पॉलिनेशन बढ़ाने के लिए मधुमक्खियों को आकर्षित करना भी जरूरी है. इसके लिए पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर हल्का छिड़काव किया जा सकता है या मिट्टी के पास शहद वाला पानी डाला जा सकता है.
धूप और ह्यूमिक एसिड का सही तालमेल
नींबू के पौधे को रोजाना कम से कम 6–7 घंटे सीधी धूप मिलनी चाहिए. बिना धूप के पौधा सिर्फ पत्तियां बनाता है. महीने में एक बार पानी में ह्यूमिक एसिड मिलाकर पौधे के चारों तरफ डालने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और जड़ें पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से सोख पाती हैं.
थोड़ी समझदारी, भरपूर नींबू
अगर आप इन सभी देसी और ऑर्गेनिक तरीकों को धैर्य के साथ अपनाते हैं, तो कुछ ही समय में आपके नींबू का पौधा फूलों और फलों से भर सकता है. खास बात यह है कि ये तरीके सस्ते, सुरक्षित और लंबे समय तक असरदार हैं. थोड़ी सी देखभाल और सही संतुलन से आपका नींबू का पौधा भी हर मौसम में रसीले नींबुओं से लद सकता है.