किसानों के लिए खुशखबरी, CCI ने सरकार के अनुरोध पर कपास खरीद की समय सीमा बढ़ाई

तेलंगाना में खरीफ 2025-26 में 50.7 लाख एकड़ में कपास की खेती हुई, जिसमें भारी बारिश और बाढ़ से 45.32 लाख एकड़ सुरक्षित रहे. CCI ने 8.8 लाख किसानों से 16.15 लाख टन कपास खरीदी और खरीद अवधि महीने के अंत तक बढ़ाई. ‘कपास किसान’ ऐप से पंजीकरण आसान हुआ, उत्पादन 28.29 लाख टन अनुमानित.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 23 Feb, 2026 | 07:06 PM

Cotton Farmer: कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने तेलंगाना सरकार के अनुरोध पर कपास की खरीद की अवधि महीने के अंत तक बढ़ाने का फैसला किया है. कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि अब तक CCI ने 8.8 लाख से अधिक किसानों से 16.15 लाख टन कपास खरीदी है, जिसकी कीमत 12,823 रुपये करोड़ है. उन्होंने कहा कि चौथी तुड़ाई (पिकिंग) अभी जारी है, इसलिए उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्री, CCI और राज्य के दो केंद्रीय मंत्रियों जी. किशन रेड्डी और बंदी संजय कुमार को खरीद की तारीख बढ़ाने के लिए पत्र लिखा था.

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे बढ़ी हुई समय-सीमा का लाभ उठाएं और उचित औसत गुणवत्ता मानकों  का पालन करते हुए 8,110 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी कपास CCI को बेचें. उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में किसानों से 2.24 लाख टन कम गुणवत्ता वाली कपास भी खरीदी गई है, जबकि अभी 9.99 लाख टन कपास का स्टॉक किसानों के पास मौजूद है.

‘कपास किसान’ ऐप के जरिए पंजीकरण का विरोध

कपास किसानों और जिनिंग मिल मालिकों की ओर से ‘कपास किसान’ ऐप के जरिए पंजीकरण  को लेकर कुछ विरोध था, लेकिन राज्य सरकार ने उनकी आपत्तियों को दूर करते हुए उन्हें ऐप का उपयोग करने के लिए तैयार किया. कृषि मंत्री ने कहा कि ऐप पर कपास की जानकारी दर्ज करने से किसानों को तय समय पर खरीद केंद्र पर माल लाने की सुविधा मिलती है और लंबी कतारों में खड़े रहने से बचाव होता है.

28.29 लाख टन कपास उत्पादन का अनुमान

कुछ कपास उत्पादक किसानों को यह चिंता थी कि पूरी फसल की तुड़ाई से पहले ही CCI खरीद बंद कर देगी. अब जब खरीद की अवधि बढ़ा दी गई है, तो किसान अपनी पूरी उपज बेच सकेंगे. कृषि विभाग के अनुसार, 2025-26 के खरीफ सीजन में 50.7 लाख एकड़ में कपास की खेती की गई थी, लेकिन भारी बारिश और बाढ़ के कारण 45.32 लाख एकड़ क्षेत्र ही सुरक्षित रह सका. इसी सुरक्षित क्षेत्र से लगभग 28.29 लाख टन कपास उत्पादन  का अनुमान है.

इन जिलों में होती है कपास की खेती

बता दें कि तेलंगाना भारत के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में से एक है. खरीफ 2025 में राज्य में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कपास की खेती होने का अनुमान था, जिससे यह देश के शीर्ष उत्पादकों में शामिल है. कपास की खेती मुख्य रूप से नालगोंडा, आदिलाबाद और वारंगल जिलों में की जाती है. बेहतर उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार हाई-डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS) को बढ़ावा दे रही है, जिससे कम क्षेत्र में ज्यादा उपज हासिल की जा सके.

 

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Published: 23 Feb, 2026 | 07:05 PM

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