Cotton Purchase: कपास किसानों को मिलेंगे 12 हजार करोड़ रुपये, MSP पर कॉटन खरीद जारी रखने का फैसला  

Cotton Procurement: कपास किसानों का एक हिस्सा इस बात से परेशान था कि कपास निगम पूरी फसल कटाई से पहले ही खरीद बंद कर रहा है. अब जब निगम ने समय बढ़ा दिया है, तो किसान अपनी सारी उपज बेच सकते हैं.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 22 Feb, 2026 | 04:47 PM

कपास किसानों के लिए राहत भरी खबर है क्योंकि भारतीय कपास निगम ने उपज खरीद इस महीने के अंत तक जारी रखने का फैसला लिया है. इससे तेलंगाना समेत अन्य राज्यों के किसानों को लाभ पहुंचेगा. वहीं, तेलंगाना के 8 लाख से ज्यादा किसानों को कपास भुगतान के रूप में 12 हजार करोड़ से अधिक की राशि जारी की जा रही है. इसमें से कुछ किसानों के खाते में पैसा भेज दिया गया है और कुछ किसानों की उपज का उठान होने के बाद पैसा भेजा जा रहा है.

महीने के आखिर तक MSP पर कपास खरीद जारी रखने का फैसला

भारतीय कपास निगम ने (CCI) ने तेलंगाना राज्य सरकार की रिक्वेस्ट के बाद महीने के आखिर तक कपास फसल की खरीद जारी रखने का फैसला किया है. बता दें कि तेलंगाना प्रमुख कपास उत्पादक राज्य है. यहां पर बेमौसम बारिश के चलते किसानों को कपास कटाई और भंडारण में दिक्कत हुई थी, जिसके बाद नमी की अधिकता के चलते किसानों को सुखाकर बिक्री करने में देरी हुई है. जबकि, कई इलाकों में कपास की चौथी तुड़ाई चल रही है. इसीलिए किसानों ने राज्य सरकार से मांग की थी कि कपास की सरकारी खरीद मार्च तक जारी रखी जाए. इसके बाद राज्य की अपील पर भारतीय कपास निगम ने अगले आदेश तक कपास खरीद जारी रखने का फैसला किया है.

8 लाख कपास किसानों को 12 हजार करोड़ राशि का भुगतान

तेलंगाना कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने मीडिया को बताया कि भारतीय कपास निगम ने अब तक 8.8 लाख से ज्यादा किसानों से 12,823 करोड़ कीमत का 16.15 लाख टन कॉटन खरीदा है. उन्होंने कहा कि किसानों की भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी तेजी दिखाई जा रही है. उन्होंने कहा कि कुछ किसानों के खातों में पैसा पहुंच गया है और बाकी किसानों को भुगतान किया जा रहा है.

करीब 10 लाख टन कपास किसानों के पास मौजूद

राज्य के कृषि मंत्री ने किसानों से कपास बेचने के लिए बढ़ी हुई डेडलाइन का इस्तेमाल करने और फेयर एवरेज क्वालिटी नॉर्म्स को फॉलो करते हुए कपास निगम को 8,110 रुपये प्रति क्विंटल के मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर अपनी फसल बेचने को कहा. उन्होंने आगे कहा कि मार्केट में किसानों से 2.24 लाख टन खराब क्वालिटी का कॉटन भी खरीदा गया और किसानों के पास अभी भी 9.99 लाख टन कॉटन का स्टॉक मौजूद है.

कपास किसान ऐप से खरीद-बिक्री आसान हुई

हालांकि किसान समुदाय और जिनिंग मिलों की तरफ से अपनी डिटेल्स रजिस्टर करने के लिए लाए गए ‘कपास किसान’ ऐप का कुछ विरोध हुआ था, लेकिन राज्य सरकार ने एक-एक करके उनकी चिंताओं को दूर किया और उन्हें ऐप का इस्तेमाल करने के लिए कहा. मंत्री ने कहा कि ऐप पर अपनी उपज (कॉटन) की डिटेल्स बुक करने से किसान तय समय पर स्टॉक खरीद सेंटर पर ला पा रहे हैं और खरीद सेंटर पर अपनी उपज को लाइनों में लगने से बचा रहे हैं.

45 लाख टन से ज्यादा कपास उत्पादन अनुमान

कपास किसानों का एक हिस्सा इस बात से परेशान था कि कपास निगम पूरी फसल कटाई से पहले ही खरीद बंद कर रहा है. अब जब निगम ने समय बढ़ा दिया है, तो किसान अपनी सारी उपज बेच सकते हैं. वहीं, कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार 2025-26 खरीफ सीजन के दौरान 50.7 लाख एकड़ में कपास उगाया गया था, लेकिन केवल 45.32 लाख एकड़ ही सुरक्षित रहा, क्योंकि बाकी हिस्से में फसल भारी बारिश और बाढ़ में बुरी तरह खराब हो गई थी. 45.32 लाख एकड़ से कपास का उत्पादन 28.29 लाख टन होने का अनुमान था.

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Published: 22 Feb, 2026 | 04:47 PM

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