बरसात में जानलेवा बन जाती हैं ये 4 बीमारियां, समय रहते नहीं किया इलाज तो जा सकती है पशु की जान

Animal Husbandry Tips: बरसात का मौसम इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी कई तरह की परेशानियां लेकर आता है. इस दौरान नमी और गंदगी बढ़ने से गलगोटू, खुरपका, मुंहपका और लंगड़ी जैसी खतरनाक बीमारियां तेजी से फैलती हैं. अगर समय रहते इनकी पहचान और बचाव नहीं किया जाए, तो पशु गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं और कई मामलों में उनकी मौत भी हो सकती है. ऐसे पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) बताते हैं कि, हर पशुपालक के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि बरसात के मौसम में अपने पशुओं की देखभाल कैसे करें और किन बातों का खास ध्यान रखें.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 14 Jul, 2026 | 11:30 PM
1 / 6बारिश के मौसम में नमी और गंदगी बढ़ने से पशुओं में कई तरह की बीमारियां तेजी से फैलती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं और कई बार पशु की जान भी जा सकती है.

बारिश के मौसम में नमी और गंदगी बढ़ने से पशुओं में कई तरह की बीमारियां तेजी से फैलती हैं. समय पर इलाज न मिलने पर ये बीमारियां गंभीर रूप ले सकती हैं और कई बार पशु की जान भी जा सकती है.

2 / 6बरसात के दिनों में गलगोटू, लंगड़ी, खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियां सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं. इनकी वजह से पशु कमजोर हो जाते हैं, खाना-पीना कम कर देते हैं और दूध का उत्पादन भी घट जाता है.

बरसात के दिनों में गलगोटू, लंगड़ी, खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियां सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं. इनकी वजह से पशु कमजोर हो जाते हैं, खाना-पीना कम कर देते हैं और दूध का उत्पादन भी घट जाता है.

3 / 6पशु विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात आने से पहले इन बीमारियों के टीके जरूर लगवा लेने चाहिए. समय पर टीकाकरण कराने से पशुओं में संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है और उन्हें गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है.

पशु विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात आने से पहले इन बीमारियों के टीके जरूर लगवा लेने चाहिए. समय पर टीकाकरण कराने से पशुओं में संक्रमण का खतरा काफी कम हो जाता है और उन्हें गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है.

4 / 6अगर किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे बाकी पशुओं से अलग रखें. जिस बाल्टी या बर्तन से बीमार पशु को पानी पिलाया जा रहा हो, उसका इस्तेमाल दूसरे पशुओं के लिए बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है.

अगर किसी पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे बाकी पशुओं से अलग रखें. जिस बाल्टी या बर्तन से बीमार पशु को पानी पिलाया जा रहा हो, उसका इस्तेमाल दूसरे पशुओं के लिए बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे संक्रमण तेजी से फैल सकता है.

5 / 6गंदा पानी, खराब चारा और आसपास की गंदगी कई बीमारियों की वजह बन सकती है. इसलिए पशुओं को हमेशा साफ पानी पिलाएं, ताजा चारा खिलाएं और उनके रहने की जगह की नियमित सफाई करें.

गंदा पानी, खराब चारा और आसपास की गंदगी कई बीमारियों की वजह बन सकती है. इसलिए पशुओं को हमेशा साफ पानी पिलाएं, ताजा चारा खिलाएं और उनके रहने की जगह की नियमित सफाई करें.

6 / 6बरसात में चारे के साथ छोटे-छोटे कीड़े पशुओं के शरीर में पहुंच सकते हैं. इससे उनका स्वास्थ्य खराब होता है, खून की कमी हो सकती है और दूध का उत्पादन भी कम हो जाता है. इसलिए पशु चिकित्सक की सलाह से समय-समय पर कीड़ों की दवा जरूर दें.

बरसात में चारे के साथ छोटे-छोटे कीड़े पशुओं के शरीर में पहुंच सकते हैं. इससे उनका स्वास्थ्य खराब होता है, खून की कमी हो सकती है और दूध का उत्पादन भी कम हो जाता है. इसलिए पशु चिकित्सक की सलाह से समय-समय पर कीड़ों की दवा जरूर दें.

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Published: 14 Jul, 2026 | 11:30 PM

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