मनरेगा से भी बड़ा ऐलान! मजदूरों को ज्यादा दिन काम और ज्यादा भुगतान, केंद्र ने खोला 95,600 करोड़ का खजाना

VB G Ram G Act: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि “विकसित भारत-जी राम जी एक्ट” के तहत अब गांवों में लोगों को साल में 100 की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा. यह व्यवस्था 1 जुलाई से लागू होगी, जबकि मौजूदा मनरेगा के सभी कार्य फिलहाल जारी रहेंगे.

नोएडा | Published: 11 May, 2026 | 02:39 PM

VB G Ram G Act Implementation: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब गांवों में मजदूरी करने वाले लोगों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार देने की तैयारी की गई है. केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि ‘विकसित भारत जी राम जी एक्ट’ का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के अवसर मजबूत होंगे.

1 जुलाई से लागू होगी नई व्यवस्था

सरकार के मुताबिक यह नई योजना 1 जुलाई से लागू होगी. इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पाने वाले लोगों को हर साल 125 दिन तक काम उपलब्ध कराया जाएगा. अभी तक महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाती थी. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने तक मनरेगा के सभी नियम और प्रावधान पहले की तरह चलते रहेंगे. जिन परियोजनाओं का काम अधूरा है, उन्हें भी 1 जुलाई तक मनरेगा के अंतर्गत पूरा किया जाएगा ताकि किसी मजदूर को परेशानी न हो.

95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट

नई रोजगार योजना को लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बजट भी तय किया है. शिवराज सिंह चौहान के अनुसार इस योजना के लिए केंद्र ने 2026-27 के लिए 95,600 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आवंटित की है. माना जा रहा है कि यह बजट गांवों में सड़क, तालाब, जल संरक्षण, सिंचाई और अन्य विकास कार्यों को गति देने में मदद करेगा.

राज्यों के हिस्से को मिलाकर इस योजना पर कुल खर्च 1.51 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है. इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा, सड़कों और दूसरी सुविधाओं का विकास होगा और ग्रामीण लोगों की आमदनी में भी इजाफा होगा.

मजदूरी भुगतान का समय और मुआवजा

इस अधिनियम के अनुसार मजदूरों को उनकी मजदूरी या तो हर हफ्ते दी जाएगी या फिर जब मस्टर रोल बंद हो जाएगा, उसके 15 दिनों के अंदर भुगतान करना जरूरी होगा. यह पैसा सीधे मजदूरों के बैंक खाते या डाकघर खाते में DBT के जरिए भेजा जाएगा. अगर किसी वजह से मजदूरी देने में देरी हो जाती है, तो मजदूरों को मुआवजे के तौर पर हर दिन बकाया राशि का 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त पैसा भी दिया जाएगा.

राज्यों को तैयारियों के लिए मिलेगा समय

केंद्र सरकार ने राज्यों को नई योजना लागू करने के लिए छह महीने का समय दिया है. इस दौरान राज्य सरकारों को प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी करनी होंगी. हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई राज्य तय समय तक पूरी तैयारी नहीं कर पाता, तब भी वहां काम नई योजना के फंडिंग पैटर्न के अनुसार ही कराया जाएगा.

राज्यवार मनरेगा मजदूरी (अनुमानित 2025-26):

राज्य मनरेगा मजदूरी (अनुमानित 2025-26)
हरियाणा लगभग 400 रुपये प्रतिदिन (सबसे अधिक)
उत्तर प्रदेश लगभग 252 रुपये प्रतिदिन
राजस्थान लगभग 281 रुपये प्रतिदिन
मध्य प्रदेश लगभग 261 रुपये प्रतिदिन
छत्तीसगढ़ लगभग 261 रुपये प्रतिदिन

मनरेगा मजदूरी बढ़ाने की मांग

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मनरेगा मजदूरी को बढ़ाकर 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये तय किया जाए.

इसके साथ ही उन्होंने हाल में लागू चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, सरकारी कंपनियों के निजीकरण पर रोक लगाने और संगठित क्षेत्र में स्थायी रोजगार देने की मांग की है. उन्होंने असंगठित क्षेत्र और कृषि मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा देने की भी बात कही है.

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