हरियाणा की इन तीन मंडियों में गेहूं की बंपर आवक, 7 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा.. पर उठान में हो रही देरी

झज्जर मंडी में अब तक 4.11 लाख क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 1.23 लाख क्विंटल की खरीद MSP पर हुई है और लगभग 40,000 क्विंटल का उठान किया गया है. इसी तरह मातनहेल में 2.11 लाख क्विंटल गेहूं आया है, जिसमें 1.19 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है, जबकि केवल 20,000 क्विंटल का ही उठान हुआ है.

नोएडा | Updated On: 13 Apr, 2026 | 03:04 PM

Agriculture News: हरियाणा की झज्जर, मातनहेल और बादली अनाज मंडियों में इस समय गेहूं की भारी आवक दर्ज की जा रही है. लेकिन उठान की गति आवक के मुकाबले काफी धीमी है. इस स्थिति को लेकर पूर्व मंत्री और स्थानीय कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने मंडियों का निरीक्षण कर किसानों से बातचीत की और व्यवस्था पर नाराजगी जताई. झज्जर मंडी समिति के सचिव राम निवास के अनुसार, तीनों मंडियों में अब तक कुल 7.19 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है. इसमें से 2.80 लाख क्विंटल की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की गई है, जबकि 74 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं का उठान किया जा चुका है.

वहीं, झज्जर मंडी में अब तक 4.11 लाख क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 1.23 लाख क्विंटल की खरीद MSP पर हुई है और लगभग 40,000 क्विंटल का उठान किया गया है. इसी तरह मातनहेल में 2.11 लाख क्विंटल गेहूं आया है, जिसमें 1.19 लाख क्विंटल की खरीद हो चुकी है, जबकि केवल 20,000 क्विंटल का ही उठान हुआ है. निरीक्षण के दौरान गीता भुक्कल ने दोनों मंडियों में गेहूं के बड़े ढेर देखे और किसानों से बातचीत की. उन्होंने कहा कि किसानों को खरीद प्रक्रिया  में राज्य सरकार की कई शर्तों के कारण परेशानी हो रही है, जो समय लेने वाली हैं और अनावश्यक कठिनाई बढ़ा रही हैं.

बायोमेट्रिक जांच से किसानों को हो रही परेशानी

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गीता भुक्कल ने कहा कि राज्य में नशे पर रोक लगाने में सरकार विफल रही है, जबकि दूसरी ओर किसानों को अपनी फसल बेचने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आगे कहा कि ट्रैक्टर पर फोटो वाली नंबर प्लेट, मंडी गेट पर बायोमेट्रिक जांच, पंजीकृत किसान की अनिवार्य उपस्थिति, फसल रजिस्ट्रेशन और बिक्री के लिए तय समय स्लॉट जैसी शर्तों का कोई औचित्य नहीं है. उनके अनुसार यह किसानों को परेशान करने और उन्हें निजी खरीदारों की ओर धकेलने की कोशिश है.

धीमी उठान के कारण जगह की कमी

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि मातनहेल में गेहूं खुले में पड़ा है और धीमी उठान के कारण जगह की कमी हो रही है, जिससे खराब मौसम में स्थिति और बिगड़ रही है. कई मंडियों में मोबाइल नेटवर्क  की समस्या बनी हुई है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए जरूरी OTP जनरेट करने में दिक्कत हो रही है. मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है, जिससे सरकार के उन दावों पर सवाल उठ रहे हैं जिनमें वह पर्याप्त सुविधाएं देने की बात करती है. इसके अलावा, मंडियों में रखा गेहूं बेमौसम बारिश के कारण खराब हो रहा है, जबकि कृषि मंत्री यह कहकर किसानों का मजाक उड़ा रहे हैं कि बारिश उनके लिए फायदेमंद है.

क्या बोलीं पूर्व मंत्री भुक्कल

पूर्व मंत्री भुक्कल ने कहा कि कांग्रेस इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके मुद्दों को सड़क से लेकर विधानसभा तक उठाकर सरकार पर दबाव बनाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राज्य की अनाज मंडियों  का दौरा कर किसानों का समर्थन कर रहे हैं. इस बीच, उपायुक्त एस. रविंद्र पाटिल ने कहा कि प्रशासन खरीद प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि मंडियों में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं. उन्होंने खरीद एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़.।

Published: 13 Apr, 2026 | 03:01 PM

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