UP Agriculture Growth Statistics: उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं, जिनका असर किसानों की आय पर साफ दिखाई दे रहा है. कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के अनुसार, राज्य में किसानों की औसत आय पहले करीब 52 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है. यह बदलाव सरकारी योजनाओं, बेहतर नीतियों और कृषि क्षेत्र में सुधारों का परिणाम माना जा रहा है.
पिछली सरकार पर उठाए सवाल
कृषि मंत्री ने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले किसानों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था. खासकर गन्ना किसानों को समय पर भुगतान न मिलने की समस्या गंभीर थी. कई मामलों में किसानों को अपने बकाए के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती थी.
गन्ना भुगतान में आई तेजी
वर्तमान व्यवस्था में गन्ना किसानों के भुगतान में बड़ा सुधार देखने को मिला है. अब किसानों को 8 से 10 दिनों के भीतर ही भुगतान किया जा रहा है. इससे उनकी नकदी प्रवाह की समस्या कम हुई है और वे समय पर अपनी अगली फसल की तैयारी कर पा रहे हैं. उत्तर प्रदेश आज देश के कुल गन्ना उत्पादन का लगभग 55 फीसदी योगदान देता है, जो राज्य की कृषि मजबूती को दर्शाता है.
गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी और रिकॉर्ड भुगतान
सरकार ने गन्ना किसानों को मिलने वाले मूल्य में भी बढ़ोतरी की है. पहले जहां किसानों को लगभग 300 रुपये प्रति क्विंटल मिलते थे, वहीं अब यह बढ़कर करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है. इसके साथ ही किसानों को 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है, जो कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
बिजली और सिंचाई सुविधाओं में विस्तार
- किसानों को राहत देने के लिए बिजली और सिंचाई के क्षेत्र में भी कई कदम उठाए गए हैं.
- 16 लाख से अधिक किसानों के बिजली बिल माफ किए गए हैं
- सिंचाई के लिए नलकूप और सोलर पैनल की सुविधा दी जा रही है
- सरयू परियोजना के पूरा होने से करीब 14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ी है
इन उपायों से खेती की लागत कम हुई है और उत्पादन में सुधार आया है.
MSP पर खरीद और उत्पादन में बढ़ोतरी
सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद से किसानों को उचित दाम मिल रहा है.
- गेहूं उत्पादन: लगभग 425 लाख मीट्रिक टन
- चावल उत्पादन: करीब 211 लाख मीट्रिक टन
- आलू उत्पादन: लगभग 245 लाख मीट्रिक टन
- तिलहन उत्पादन: करीब 48 लाख मीट्रिक टन
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य में कृषि उत्पादन लगातार बढ़ रहा है.
एथेनॉल उत्पादन से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था
गन्ने से एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने से चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. इसका सीधा फायदा किसानों को समय पर भुगतान के रूप में मिल रहा है. इससे कृषि और उद्योग दोनों को मजबूती मिली है. उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों से किसानों का भरोसा बढ़ा है. बेहतर भुगतान व्यवस्था, बढ़ी हुई आय और सुविधाओं के विस्तार ने खेती को अधिक लाभकारी बनाया है.