किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई, कोतवाल और SI सस्पेंड.. पूरी चौकी लाइन हाजिर

पुलिस की लापरवाही के कारण किसान सुखवंत सिंह ने खुदकुशी की. सुखवंत ने आरोप लगाया था कि भूमि खरीद-बिक्री के नाम पर उनके साथ चार करोड़ की धोखाधड़ी हुई. उन्होंने फेसबुक लाइव पर भी कहा था कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

नोएडा | Updated On: 13 Jan, 2026 | 07:00 PM

Uttarakhand News: उत्तराखंड के काशीपुर के पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने तगड़ा एक्शन लिया है. लापरवाही बरतने के आरोप में कोतवाल और एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पूरी चौकी को लाइन हाजिर कर दिया गया है. पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. बताया जा रहा है कि किसान अपनी शिकायत को लेकर एक साल तक पुलिस के चक्कर काटता रहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब उसकी मौत के बाद मामला दर्ज किया गया है.

कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संज्ञान लेने के बाद पुलिस प्रशासन ने ये कार्रवाई की है. इस मामले में मृतक के भाई पिंदा सिंह ने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री का आभार जताया है. पिंदा सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री धामी ने उनके भाई के आत्महत्या प्रकरण का स्वतः संज्ञान लिया, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके लिए वे आभारी हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से आगे भी कार्रवाई का भरोसा दिया गया है.

क्या है पूरा मामला

पुलिस की लापरवाही के कारण किसान सुखवंत सिंह ने खुदकुशी की. सुखवंत ने आरोप लगाया था कि भूमि खरीद-बिक्री के नाम पर उनके साथ चार करोड़ की धोखाधड़ी हुई. उन्होंने फेसबुक लाइव पर भी कहा था कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. साथ ही पुलिस ने सुखवंत को करोड़ों की जमीन धोखाधड़ी में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए सालभर तक दौड़ाया. सिस्टम से तंग आकर सुखवंत ने खुद को गोली मारकर जान दे दी. किसान ने 27 लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए खुद को गोली मारी थी.

26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया

एस नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और उपनिरीक्षक प्रकाश बिष्ट को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा पैगा चौकी के प्रभारी जितेंद्र कुमार, उपनिरीक्षक सोमवीर सिंह और सिपाही भूपेंद्र सिंह, दिनेश तिवारी, मुख्य आरक्षी शेखर बनकोटी, सुरेश चंद्र, योगेश चौधरी, राजेंद्र गिरी, दीपक प्रसाद और संजय कुमार को लाइन हाजिर किया गया है. मामले की जांच एसपी निहारिका तोमर को सौंपी गई है. एसएसपी ने कहा कि लापरवाही के चलते ये कार्रवाई की गई है. इस मामले में पहले ही 26 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है.

Published: 13 Jan, 2026 | 06:58 PM

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