धान खरीद की बढ़ी चिंता, किसानों ने सभी खरीद केंद्र खोलने की मांग की.. 41 हजार हेक्टेयर में कुरुवई खेती

तमिलनाडु के मयिलादुथुराई में किसानों ने कुरुवई धान की बढ़ती पैदावार को देखते हुए सभी DPC खोलने की मांग की है. जिले में 123 केंद्रों को मंजूरी मिली है, लेकिन फिलहाल 31 पर खरीद चल रही है. किसानों ने रिश्वत की शिकायत, कर्जमाफी और मुआवजे की भी मांग की है. अब तक 756 किसानों से 3,603 टन धान खरीदा गया है.

नोएडा | Updated On: 30 Aug, 2026 | 04:17 PM

तमिलनाडु के मयिलादुथुराई जिले में किसानों ने प्रशासन से पिछले साल की तरह इस बार भी सभी प्रत्यक्ष खरीद केंद्र (DPC) खोलने की मांग की है. जिले में कुरुवई धान की कटाई शुरू हो गई है, लेकिन फिलहाल सीमित संख्या में ही खरीद केंद्र चल रहे हैं. किसानों का कहना है कि कम खरीद केंद्र होने से किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो सकती है और मंडियों में धान जमा होने का खतरा है. उन्होंने प्रशासन से पिछले साल संचालित सभी DPC को जल्द खोलने की मांग की है.

दरअसल, कावेरी के पानी की कमी के कारण आसपास के डेल्टा जिलों में कुरुवई की खेती का रकबा घटा है. मेट्टूर बांध बंद रहने से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. हालांकि, मयिलादुथुराई में कुरुवई की खेती का क्षेत्र बढ़ा है. पिछले साल जहां करीब 39,700 हेक्टेयर में खेती हुई थी, वहीं इस साल यह बढ़कर करीब 41,000 हेक्टेयर हो गया है. किसानों ने कहा कि बढ़े हुए उत्पादन को देखते हुए पर्याप्त खरीद केंद्र खोलना जरूरी है, ताकि कटाई के बाद किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो.

1 सितंबर से पहले सभी DPC खोलने की मांग

किसान अरुपथी कल्याणम ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि पिछले सीजन में चलाए गए सभी प्रत्यक्ष खरीद केंद्र (DPC) 1 सितंबर से पहले शुरू कर दिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि इससे किसानों को 1 सितंबर से लागू होने वाली बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का फायदा मिल सकेगा. किसानों ने आरोप लगाया कि धान खरीद केंद्रों (DPC) पर अब भी 40 रुपये की रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आ रही हैं. किसानों का कहना है कि इस तरह की वसूली रोकने के लिए केंद्रों पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों को उचित मजदूरी दी जानी चाहिए.

DPC कर्मचारियों की मजदूरी बढ़ाने की मांग

डेल्टा इरिगेशन फार्मर्स एसोसिएशन के आर. अनबलगन ने कहा कि सरकार DPC पर काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी बढ़ा सकती है. इससे 40 रुपये की रिश्वत की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है, हालांकि यह समस्या के कई कारणों में से सिर्फ एक है. किसानों ने आगामी सांबा सीजन को देखते हुए निजी बीज दुकानों पर धान के बीज की कीमत बढ़ाने से रोकने के लिए भी प्रशासन से जरूरी कदम उठाने की मांग की.

किसानों ने कर्जमाफी और मुआवजे की मांग की

किसानों ने सहकारी समितियों से लिए गए कर्ज को पूरी तरह माफ करने की भी मांग की. इसके अलावा कुरुवई फसल से प्रभावित किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ और प्रत्येक कृषि मजदूर के परिवार को 10,000 रुपये मुआवजा देने की मांग रखी गई. तमिलनाडु सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिले में 123 धान खरीद केंद्रों (DPC) को मंजूरी दी गई है. इनमें से फिलहाल 31 केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हो चुकी है. अब तक 756 किसानों से 3,603 टन धान खरीदा जा चुका है. अधिकारी ने बताया कि इस सीजन में पिछले साल की तरह करीब 140 DPC चालू होने की उम्मीद है. सिरकाझी और थरंगमबाड़ी तालुक में अभी धान की कटाई शुरू नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि इन इलाकों में कटाई शुरू होने से पहले सभी खरीद केंद्र चालू कर दिए जाएंगे.

Published: 30 Aug, 2026 | 04:06 PM

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