MP के किसानों को बड़ी राहत, 5.39 लाख टन मूंग की MSP पर खरीद, फसल बीमा पर भी बड़ा अपडेट
MP Moong Procurement 2026: मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन के दौरान 5.39 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई थी, जिसमें करीब 5.33 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद पूरी हुई. इसके साथ ही किसानों को MSP का लाभ, समय पर भुगतान और फसल बीमा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए PMFBY, RWBCIS और WINDS सिस्टम पर भी चर्चा हुई.
Moong Procurement MP: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मूंग की खरीद और फसल बीमा से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 27 अगस्त को नई दिल्ली के कृषि भवन से मध्य प्रदेश के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की. इसमें ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई. बैठक में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने और फसल बीमा की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर खास जोर दिया गया.
5.39 लाख टन मूंग की खरीद को मिली मंजूरी
ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में मध्य प्रदेश में मूंग खरीद के लिए केंद्र सरकार ने पहले 4,54,580 मीट्रिक टन की मंजूरी दी थी. बाद में किसानों के हित को देखते हुए इसमें 84,492 मीट्रिक टन की अतिरिक्त मंजूरी दी गई. इस तरह राज्य के लिए कुल 5,39,072 मीट्रिक टन मूंग खरीद की अनुमति दी गई. खास बात यह रही कि इस अतिरिक्त खरीद से मध्य प्रदेश सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा.
5.33 लाख टन मूंग खरीदी गई
मूंग खरीद की अवधि अब समाप्त हो चुकी है. राज्य में कुल करीब 5.33 लाख मीट्रिक टन मूंग की खरीद की गई. यह खरीद केंद्र की ओर से तय सीमा के भीतर रही. सरकार के मुताबिक, पंजीकृत और इच्छुक किसानों से उनकी उपलब्ध मूंग खरीदी गई. इससे किसानों को अपनी फसल का MSP के तहत उचित दाम मिलने में मदद मिली. केंद्र सरकार की PM-AASHA व्यवस्था के तहत मध्य प्रदेश के किसानों को मूंग की MSP पर खरीद का लाभ मिला. सरकार ने तय सीमा के भीतर किसानों
म.प्र. में ग्रीष्म मूंग खरीद रिकॉर्ड स्तर पर, 5.33 लाख टन से अधिक खरीदी; केंद्रीय मंत्री @ChouhanShivraj ने की समीक्षा
PM-AASHA के तहत म.प्र. के किसानों को बड़ा लाभ, मूंग खरीद स्वीकृत सीमा के भीतर पूरी- शिवराज सिंह चौहान
मूंग की खरीद के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन की स्वीकृति… pic.twitter.com/GssRZmFuAO
— PIB in MP (@PIBBhopal) August 27, 2026
की उपज खरीदने पर जोर दिया.
NAFED और NCCF ने संभाली खरीद
मूंग की खरीद का काम मुख्य रूप से NAFED और NCCF के जरिए किया गया. खरीद प्रक्रिया में किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था देने पर जोर रहा. पिछले साल के मुकाबले इस बार मूंग खरीद में भी बढ़ोतरी हुई है. ग्रीष्म 2025 में 4,19,692 मीट्रिक टन की स्वीकृत मात्रा के मुकाबले करीब 3.93 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी. वहीं 2026 में मंजूरी और वास्तविक खरीद दोनों ज्यादा रही. NAFED और NCCF के जरिए हुई इस खरीद से बड़ी संख्या में किसानों को MSP का सीधा लाभ मिला. शिवराज सिंह चौहान ने खरीद प्रक्रिया में दोनों एजेंसियों की भूमिका की सराहना की.
फसल बीमा योजना पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) लागू करने पर भी चर्चा हुई. राज्य सरकार ने योजना को आगे बढ़ाने के लिए टर्म-शीट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र की ओर से टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध करा दी गई है और इसे जल्द लागू करने का आग्रह किया गया है.
WINDS सिस्टम जल्द लागू करने पर जोर
फसल बीमा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए WINDS सिस्टम के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में इस सिस्टम को लागू करना अभी बाकी है. बैठक में कहा गया कि WINDS के बिना मौसम आधारित फसल बीमा योजना को प्रभावी तरीके से लागू करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए राज्य में इसे जल्द लागू करने पर जोर दिया गया.
फसल नुकसान का आकलन होगा और बेहतर
बैठक में फसल की पैदावार और बाढ़ या दूसरी वजहों से हुए नुकसान का सही अंदाजा लगाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई. मध्य प्रदेश में कई बड़ी फसलों की पैदावार का अनुमान तकनीक की मदद से लगाया जा रहा है. केंद्र ने सुझाव दिया कि क्रॉप कटिंग एक्सपेरिमेंट्स यानी खेत में फसल काटकर पैदावार का आकलन करने का तरीका भी दोबारा इस्तेमाल किया जाए. इससे तकनीक से मिले आंकड़ों की तुलना खेतों से मिले वास्तविक आंकड़ों से की जा सकेगी. इसके आधार पर जरूरत पड़ने पर तकनीक से पैदावार का अनुमान लगाने के तरीके में सुधार भी किया जा सकेगा.