Agriculture News: हरियाणा के कुंजपुरा गेहूं गोदाम में खराब गुणवत्ता का गेहूं होने की शिकायत मिलने के बाद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने दोबारा जांच कराई है. इससे पहले भी इस गोदाम का संयुक्त निरीक्षण विभाग और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम जांच कर चुकी थी. नई शिकायत खिराजपुर गांव के निवासी विकास शर्मा ने दी थी. उनका आरोप था कि गोदाम में रखे कई गेहूं के बैग की गुणवत्ता खराब है. शिकायत मिलने के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) मुकेश कुमार ने जांच के लिए एक टीम गठित की.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारियों ने संदिग्ध गेहूं के बैगों से नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया. अब लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा कि गोदाम में रखा गेहूं किस गुणवत्ता का है और उसमें कितना नुकसान हुआ है. जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) मुकेश कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद गोदाम का विस्तृत निरीक्षण किया गया और संदिग्ध गेहूं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चलेगा कि गेहूं की गुणवत्ता कैसी है और उसमें कोई खराबी आई है या नहीं.
करीब 9,500 गेहूं के बैग गायब मिले थे
उन्होंने कहा कि अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सरकार को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी जिम्मेदार लोगों से कराई जाएगी. गौरतलब है कि खिराजपुर गांव के निवासी विकास शर्मा की शिकायत पर पिछले एक साल में इस गोदाम की दो बड़ी जांच हो चुकी हैं. एसीबी और खाद्य विभाग की संयुक्त जांच में करीब 9,500 गेहूं के बैग गायब मिले थे. वहीं, जून 2025 में हुई एक अन्य जांच में करीब 4,700 बैग और कम पाए गए. अब तक की जांच में कुल करीब 14,200 गेहूं के बैगों की कमी सामने आ चुकी है.
पहले ही हो चुकी है एफआईआर दर्ज
कुंजपुरा थाना में गोदाम के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में हाल ही में तीन और अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. इनमें सब-इंस्पेक्टर संदीप, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) मुकेश गुप्ता और सेक्शन ऑफिसर (एसओ) विकास खोखर शामिल हैं. इससे पहले पूर्व निरीक्षक अशोक शर्मा को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. बाद में उनके खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई. अशोक शर्मा अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं. विभाग का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.