भवानीपुर सीट भी नहीं बचा पाई ममता, सुवेंदु अधिकारी ने आखिरी वक्त में दी मात.. ऐसे बदल गया पूरा खेल
शुरुआत में डाक मतों की गिनती में सुवेंदु अधिकारी आगे चल रहे थे, लेकिन बाद में ममता बनर्जी ने बढ़त बना ली और सातवें राउंड तक वह फिर से आगे निकल गईं. एक समय उनकी बढ़त 19,000 से ज्यादा वोटों की थी, जिससे लग रहा था कि मुकाबला आसान हो जाएगा. लेकिन शाम 6:30 बजे तक उनकी बढ़त घटकर सिर्फ 2,900 वोट रह गई. रात 9 बजे तक 20 में से 18 राउंड की गिनती के बाद सुवेंदु अधिकारी फिर से 11,000 से ज्यादा वोटों से आगे हो गए थे. अंतिम नतीजों में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,000 वोटों के अंतर से हरा दिया.
West Bengal Assembly Election Result 2026: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया है. पांच साल पहले उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हार का सामना करवाया था, और अब 2026 में उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट पर भी उन्हें हरा दिया है. यह वही सीट है जहां नंदीग्राम हार के बाद ममता बनर्जी विधानसभा में पहुंची थीं, ताकि वे मुख्यमंत्री बनी रह सकें. अब उनकी इस सुरक्षित मानी जाने वाली सीट पर भी हार ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है.
ममता बनर्जी का निवास कोलकाता के कालीघाट इलाके में है, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का ही हिस्सा है. यही वह जगह है जहां उन्होंने युवा कांग्रेस नेता के रूप में अपनी राजनीतिक पहचान और अनुभव को मजबूत किया थ. लेकिन अब सुवेंदु अधिकारी ने इस चुनाव में दोनों सीटें भवानीपुर और नंदीग्राम जीत ली हैं. भवानीपुर, जिसे ‘मिनी-इंडिया’ भी कहा जाता है, वहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा. सोमवार को मतगणना के दौरान कई बार बढ़त बदलती रही.
15,000 वोटों के अंतर से हरा दिया
शुरुआत में डाक मतों की गिनती में सुवेंदु अधिकारी आगे चल रहे थे, लेकिन बाद में ममता बनर्जी ने बढ़त बना ली और सातवें राउंड तक वह फिर से आगे निकल गईं. एक समय उनकी बढ़त 19,000 से ज्यादा वोटों की थी, जिससे लग रहा था कि मुकाबला आसान हो जाएगा. लेकिन शाम 6:30 बजे तक उनकी बढ़त घटकर सिर्फ 2,900 वोट रह गई. रात 9 बजे तक 20 में से 18 राउंड की गिनती के बाद सुवेंदु अधिकारी फिर से 11,000 से ज्यादा वोटों से आगे हो गए थे. अंतिम नतीजों में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को 15,000 वोटों के अंतर से हरा दिया.
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इस तरह खराब हुई ममता की छवि
वहीं, सियासी पंडितों का कहना है कि महिला सुरक्षा से जुड़े आरजी कर मेडिकल कॉलेज के रेप-मर्डर मामले ने ममता बनर्जी की छवि को नुकसान पहुंचाया, लेकिन उनकी इस हार के पीछे कई अन्य कारण भी माने जा रहे हैं. इनमें मतदाता सूची की जांच (SIR प्रक्रिया), वोटरों की सख्त निगरानी, भवानीपुर की जनसंख्या संरचना और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया शामिल हैं. इसके साथ ही सत्ता विरोधी लहर (एंटी-इंकम्बेंसी) और बीजेपी की वोटों को एकजुट करने की रणनीति ने भी इस नतीजे में अहम भूमिका निभाई.
भवानीपुर में 34 फीसदी गैर-बंगाली हिंदू
भवानीपुर दक्षिण कोलकाता का एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र है जहां विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं. यहां लगभग 42 फीसदी मतदाता बंगाली हिंदू हैं, करीब 34 फीसदी गैर-बंगाली हिंदू हैं, और लगभग एक चौथाई वोटर मुस्लिम समुदाय से आते हैं. इसके अलावा बिहार, ओडिशा और झारखंड से आए प्रवासी मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है.
इस बार चुनाव में सिर्फ गैर-बंगाली हिंदू व्यापारी समुदाय (जैसे गुजराती और मारवाड़ी) ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में बंगाली हिंदू मतदाताओं ने भी बीजेपी का समर्थन किया. इसी बदलाव ने मुकाबले का संतुलन सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में कर दिया और ममता बनर्जी को हार नसीब हुई.
SIR का भी रहा अहम रोल ?
हालांकि, कुछ जानकारों का कहना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भवानीपुर में SIR प्रक्रिया काफी विवादों में रही. रिपोर्टों के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र में 47,000 से 51,000 नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम मतदाताओं की बताई जा रही है, जो तृणमूल कांग्रेस का एक मजबूत समर्थन आधार माना जाता है. यानी SIR फैक्टर भी ममता की हार में अहम रोल अदा किया.