तमिलनाडु में दूध महंगा, निजी विक्रेताओं ने 10 रुपये लीटर तक बढ़ाई कीमत.. जानें नया रेट
तमिलनाडु के कोयंबटूर में निजी दूध विक्रेताओं ने कीमतें 6 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी हैं. आविन के दूध खरीद रेट में 3 रुपये की बढ़ोतरी के बाद यह फैसला लिया गया. अब कई इलाकों में दूध 60 से बढ़कर 66-70 रुपये प्रति लीटर हो गया है. इससे खासकर मिडिल क्लास परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है.
तमिलनाडु के कोयंबटूर में दूध महंगा हो गया है. घर-घर दूध पहुंचाने वाले निजी विक्रेताओं ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं. हाल ही में राज्य सरकार ने आविन (Aavin) के दूध खरीद रेट में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद निजी विक्रेताओं ने भी कीमतें बढ़ा दीं. अब स्थानीय ग्राहकों को जो दूध पहले करीब 60 रुपये प्रति लीटर मिलता था, उसके लिए 66 से 70 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं. यानी उपभोक्ताओं पर सीधे 6 से 10 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त बोझ पड़ा है.
निजी विक्रेताओं ने बढ़ाए दूध के दाम
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोयंबटूर में दूध महंगा होने से आम परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है. एक ग्राहक ने कहा कि उनके घर दूध पहुंचाने वाले विक्रेता ने कीमत में 6 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की जानकारी दी. वह रोजाना एक लीटर दूध खरीदती हैं. अब उनका मासिक खर्च 1,800 रुपये से बढ़कर 1,980 रुपये हो जाएगा. कुछ इलाकों में दूध का भाव 60 से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
दूध महंगा होने से मिडिल क्लास का बजट बिगड़ा
दूध की कीमत बढ़ने से खासकर मिडिल क्लास परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है. सरकार का कहना है कि खरीद रेट बढ़ाने का मकसद किसानों को फायदा पहुंचाना और सहकारी नेटवर्क को मजबूत करना है. हालांकि, निजी विक्रेताओं की बढ़ी कीमतों ने किसानों को मिलने वाले खरीद रेट और ग्राहकों से वसूली जाने वाली कीमत के बीच के अंतर को भी सामने ला दिया है.
बता दें कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 19 अगस्त को अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान आविन के दूध खरीद रेट में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया था. इसमें 2 रुपये राज्य सरकार की प्रोत्साहन राशि और 1 रुपये आविन की सहकारी समितियों के जरिए दिया जाएगा. नई दर लागू होने के बाद आविन को दूध बेचने वाले किसानों को फैट की मात्रा के आधार पर 33 से 43 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे. इसके अलावा उन्हें 3 रुपये का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा. यह राशि हर महीने की 10 तारीख तक सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी.
घरों में 60 से बढ़कर 70 रुपये लीटर हुआ दूध
पिछली सरकार पहले से ही दूध उत्पादकों को 3 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दे रही थी. सरकार ने नई बढ़ोतरी का फैसला किसानों को ज्यादा दूध आविन की सहकारी समितियों में बेचने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया है. हालांकि, कई किसान अब भी निजी डेयरी कंपनियों को दूध बेचना पसंद करते हैं, क्योंकि वहां उन्हें 38 से 48 रुपये प्रति लीटर तक मिल रहे हैं. वहीं, आविन की दूध समितियों में बिना पैक वाला दूध ग्राहकों को 48 रुपये प्रति लीटर में मिलता है. वहीं, घर-घर दूध पहुंचाने वाले विक्रेता हालिया बढ़ोतरी से पहले करीब 60 रुपये प्रति लीटर लेते थे. अब उन्होंने बढ़ी लागत का असर सीधे ग्राहकों पर डालते हुए दूध के दाम बढ़ा दिए हैं.