नेपाल में फ्लैश फ्लड से यूपी में कितना खतरा? गंडक को लेकर प्रशासन अलर्ट, जानें किन जिलों पर पड़ेगा असर

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है. सिंचाई विभाग के मुताबिक महाराजगंज और कुशीनगर पर नजर रखी जा रही है, लेकिन फिलहाल यूपी में बड़े बाढ़ के खतरे की आशंका नहीं है. नेपाल में 105 भारतीयों समेत सैकड़ों पर्यटकों के लापता होने की खबर है.

नोएडा | Published: 26 Aug, 2026 | 06:47 PM

UP Flood Alert: नेपाल में बुधवार को आई अचानक बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है. पहाड़ों में भारी पानी आने से गंडक नदी का बहाव बढ़ने की आशंका है. हालांकि, यूपी के सिंचाई विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. अधिकारियों के मुताबिक बढ़ा हुआ पानी महाराजगंज और कुशीनगर के रास्ते बिहार की ओर चला जाएगा और यूपी में गंडक के खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना नहीं है.

नेपाल की बाढ़ को लेकर सीएम योगी ने जताई चिंता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताई और सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी. उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से नेपाल के लोगों की सलामती की प्रार्थना की. सीएम योगी ने बताया कि नेपाल में आई बाढ़ का असर उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों में भी पड़ सकता है. इससे गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है. इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी तैयारी रखने और हर स्थिति पर नजर बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

महाराजगंज और कुशीनगर पर रहेगी नजर

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता-II (गंडक) विकास कुमार सिंह ने बताया कि नेपाल से आने वाला ज्यादा पानी सबसे पहले नेपाल-बिहार सीमा के पास वाल्मीकि बैराज तक पहुंचेगा. इसके बाद इसका असर महाराजगंज और कुशीनगर के कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है. उन्होंने साफ किया कि देवरिया इस बाढ़ के रास्ते में नहीं आएगा. हालांकि, एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है. स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है.

पिछले साल 6 लाख क्यूसेक पानी संभाला था

सिंचाई विभाग का कहना है कि इस बार स्थिति को लेकर फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है. विभाग के अधिकारी ने बताया कि पिछले साल करीब 6 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज सफलतापूर्वक संभाला गया था. इसलिए इस बार भी हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक यूपी में गंडक नदी का प्रभावित हिस्सा करीब 30 किलोमीटर का है. इसके बाद पानी बिहार की ओर चला जाता है. फिलहाल उम्मीद है कि नदी खतरे के निशान से नीचे ही रहेगी और यूपी के खेतों में बाढ़ का पानी फैलने की स्थिति नहीं बनेगी.

त्रिशूली नदी में अचानक बढ़ा था पानी

नेपाल में बाढ़ का असर मुख्य रूप से पहाड़ी नदियों के बढ़े जलस्तर से जुड़ा है. बुधवार सुबह गंडक की सहायक नदी त्रिशूली में पानी तेजी से बढ़ा. एक समय यहां पानी का स्तर करीब 20 सेंटीमीटर प्रति मिनट की रफ्तार से बढ़ रहा था. हालांकि, कुछ समय बाद नदी का जलस्तर तेजी से नीचे भी आने लगा. अधिकारियों के मुताबिक पहाड़ी नदियों में ढलान ज्यादा होने के कारण पानी का स्तर बहुत तेजी से ऊपर और नीचे होता है. बढ़े हुए पानी का असर बुधवार रात करीब 8 बजे के बाद बैराज तक पहुंचने की उम्मीद थी.

नहरें अस्थायी रूप से बंद

फ्लैश फ्लड के दौरान पहाड़ों से बड़ी मात्रा में गाद यानी सिल्ट भी पानी के साथ आती है. इसे देखते हुए एहतियात के तौर पर नहरों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जब ज्यादा गाद वाला पानी आगे निकल जाएगा, तब नहरों को दोबारा खोल दिया जाएगा. सिंचाई विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि वे जमीनी स्तर पर हालात पर नजर रख रहे हैं और संवेदनशील जगहों पर पूरी तैयारी है.

नेपाल में सैकड़ों पर्यटक लापता

नेपाल में आई फ्लैश फ्लड का असर काफी गंभीर बताया जा रहा है. नेपाल पर्यटन बोर्ड की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक प्रभावित इलाकों से 384 यात्रियों के लापता होने की सूचना मिली है. इनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं. लापता लोगों की शुरुआती सूची में 105 भारतीय नागरिकों के नाम भी शामिल हैं. इनमें 59 भारतीय सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स और 46 भारतीय लीफ हॉलीडे के साथ यात्रा कर रहे थे. हालांकि नेपाल पर्यटन बोर्ड ने कहा है कि यह शुरुआती जानकारी है और अलग-अलग एजेंसियों, स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से इसकी पुष्टि की जा रही है.

Topics: