अब PDS राशन दुकानों पर मिलेगा नारियल तेल, किसानों की बढ़ेगी कमाई.. सरकार कर रही है तैयारी

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि PDS में पाम ऑयल की जगह नारियल तेल दिया जा सकता है. नारियल संवर्धन योजना से किसानों को बेहतर कीमत, स्थिर बाजार और अतिरिक्त आय मिलेगी. योजना में नई प्लांटेशन, उन्नत नर्सरी, इंटरक्रॉपिंग और मूल्य संवर्धन पर जोर होगा.

नोएडा | Updated On: 8 Mar, 2026 | 08:52 AM

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन की दुकानों के जरिए पाम ऑयल की जगह नारियल तेल देने के विकल्प पर विचार कर रही है, ताकि किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिल सके. उन्होंने कहा है कि कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड ने राज्यों की सरकारों को पत्र लिखकर PDS या राशन दुकानों के माध्यम से नारियल तेल वितरित करने का सुझाव दिया है. नारियल उत्पादकों, वैज्ञानिकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद मंत्री ने कहा कि अगर PDS में पाम ऑयल की जगह नारियल तेल दिया जाता है, तो इससे किसानों को स्थिर बाजार और बेहतर कीमत मिलेगी. साथ ही उपभोक्ताओं को भी ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक विकल्प मिल सकेगा.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि PDS में अन्य तेलों की जगह नारियल तेल  दिया जाना चाहिए. अगर हम PDS में नारियल तेल को बढ़ावा देते हैं, तो किसानों को फायदा होगा. इसके बारे में राज्यों की सरकारों के साथ आगे चर्चा की जाएगी. मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार नई, उन्नत और रोग-प्रतिरोधी नारियल किस्मों को विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है, ताकि उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ सके. इससे भारत की वैश्विक नारियल निर्यात बाजार में स्थिति मजबूत होगी.

नारियल संवर्धन बोर्ड से जुड़ा एक व्यापक ढांचा तैयार होगा

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक चर्चा की जा रही है, ताकि व्यावहारिक और असरदार समाधान मिलकर तैयार किए जा सकें. ये बजट के बाद की बैठकें इसलिए जरूरी हैं, ताकि नीतियां किसानों की असली जरूरतों और अनुभवों पर आधारित हों. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार नारियल संवर्धन योजना के विवरण को किसानों और राज्यों की सरकारों के साथ विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दे रही है. उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं के बाद नारियल संवर्धन बोर्ड से जुड़ा एक व्यापक ढांचा भी तैयार किया जाएगा.

नारियल क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए

उन्होंने कहा कि इस ढांचे का उद्देश्य होगा कि नारियल क्षेत्र के विकास के लिए मजबूत संस्थागत व्यवस्था बनाई जाए, जो आने वाले वर्षों में किसानों और उद्योग का मार्गदर्शन कर सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित नारियल संवर्धन योजना उत्पादन, प्रोसेसिंग और इंटरक्रॉपिंग  को बढ़ावा देगी. चौहान ने कहा कि नारियल के साथ अन्य फसलों की खेती (इंटरक्रॉपिंग) को प्रोत्साहित करने से नारियल फार्मों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत भी मिलेंगे.

व्हाइट फ्लाई नारियल उत्पादन को प्रभावित कर रहा है

केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि यह पहल पूरे देश के नारियल किसानों के लिए महत्वपूर्ण लाभ देगी. उन्होंने विशेष रूप से कहा कि तमिलनाडु में लगभग 28 फीसदी किसान इस योजना और नारियल विकास से जुड़े प्रस्तावित उपायों का लाभ उठाएंगे. मंत्री ने यह भी बताया कि देश में कई नारियल बागान 60 साल से भी पुराने हैं, जिसकी वजह से उत्पादकता में कमी आ रही है. इसके अलावा, रूट विल्ट और व्हाइट फ्लाई जैसी बीमारियां भी नारियल उत्पादन को प्रभावित कर रही हैं.

बैठक में कृषि मंत्री ने कहीं ये बातें

चौहान ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयास और नए समाधान जरूरी हैं, ताकि किसान अपनी उत्पादकता बनाए रख सकें और आय बढ़ा सकें. केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सुविधाएं और मजबूत संस्थागत समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है. इस प्रयास के तहत कई महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी. इनमें पुराने और कम उत्पादक नारियल बागानों  की जगह नई प्लांटेशन स्थापित करना, उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी विकसित करना, आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाओं की उपलब्धता और नारियल आधारित उत्पादों में मूल्य संवर्धन पर जोर देना शामिल है. चौहान ने बजट के बाद की बैठक में नारियल क्षेत्र के विकास, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की. बता दें कि कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेन्नई में नारियल उत्पादक किसानों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ अहम बैठक में ये बातें कहीं.

Published: 8 Mar, 2026 | 08:49 AM

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