गर्मी में भैंसों का दूध गिर रहा है? आज से ही अपनाएं ये 6 आसान उपाय, बढ़ेगा दूध उत्पादन और घटेगा नुकसान!
Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही भैंस पालने वाले किसानों की चिंता बढ़ जाती है. तेज धूप और बढ़ता तापमान भैंसों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डालता है, जिससे दूध उत्पादन में गिरावट और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) ने किसान इंडिया को बताया कि, अगर सही समय पर सही देखभाल की जाए, तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है और दूध उत्पादन को स्थिर रखा जा सकता है.

तेज गर्मी और लू के कारण भैंसों का दूध उत्पादन 10–15 फीसदी तक कम हो सकता है. इसका सीधा असर पशुपालकों की आमदनी पर पड़ता है, इसलिए गर्मियों में विशेष देखभाल जरूरी हो जाती है.

भैंसों की त्वचा गहरी होती है और उनमें पसीने की ग्रंथियां कम होती हैं. इसी वजह से वे गर्मी को जल्दी सहन नहीं कर पातीं और हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाती हैं.

गर्मी में भैंसों को सुबह जल्दी और शाम के समय चारा देना सबसे अच्छा माना जाता है. उनके आहार में लगभग 60 फीसदी हरा चारा और 40 फीसदी सूखा चारा शामिल करने से स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों बेहतर रहते हैं.

दूध देने वाली भैंसों को रोजाना मिनरल मिक्सचर और नमक देना जरूरी है. साथ ही गुड़, गेहूं का आटा और सरसों तेल जैसे ऊर्जा देने वाले आहार से उनकी ताकत और दूध उत्पादन बढ़ता है.

गर्मी में एक भैंस को रोज 60–80 लीटर साफ पानी की जरूरत होती है. दिन में 2–3 बार नहलाना या तालाब में बैठाना उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है.

अगर भैंस तेज सांस ले, सुस्ती दिखाए या चारा कम खाए, तो यह हीट स्ट्रेस का संकेत हो सकता है. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लेना बेहद जरूरी है.
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