Dairy Farming Tips: किसान होशियार! भैंसों में चुपके से फैल रही ये बीमारी, मिनटों में बिगाड़ देती है हालत!
Dairy Farming Tips: सर्दियां शुरू होते ही दुधारू पशुपालकों की सबसे बड़ी चिंता बन जाती है दूध उत्पादन में अचानक गिरावट आना. कई बार किसान समझ ही नहीं पाते कि भैंस अचानक कमजोर क्यों पड़ रही है, जुगाली क्यों बंद कर देती है या खड़ी होने में दिक्कत क्यों होती है. असल परेशानी सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि मिल्क फीवर नाम की वो छुपी बीमारी है जो 15–20% तक दूध कम कर देती है और कई बार भैंस की जान तक जोखिम में डाल देती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान इसके शुरुआती संकेत पहचान लें और सही कदम उठाएं, तो इस बीमारी को आसानी से रोका जा सकता है.

Buffalo Farming: सर्दियों की शुरुआत में अचानक ठंड बढ़ने से भैंसों का शरीर प्रभावित होता है. इस मौसम में दुधारू पशुओं की दूध देने की क्षमता स्वाभाविक रूप से 15–20% तक कम हो जाती है.

Milk Fever In Buffalo: तापमान में तेज गिरावट और मौसम बदलने पर भैंसों में मिल्क फीवर यानी दुग्ध ज्वर हो जाता है. यह असल में कैल्शियम की कमी से होने वाला बुखार जैसा रोग है, जो दूध उत्पादन को तेज़ी से घटा देता है.

Bhains Me Milk Fever: विशेषज्ञों के अनुसार, मिल्क फीवर में भैंस का शरीर ठंडा पड़ जाता है, जुगाली रुक जाती है और वह अपनी गर्दन को कोख (फ्लैंक) पर रख लेती है. शरीर में कंपकंपी, पाचन खराब होना और बेहोशी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं.

Milk Fever Ke Lakshan: दुग्ध ज्वर दिखने पर देरी न करें. डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम की बोतल लगवाएं. यह शरीर में कमी को तुरंत पूरा करता है और भैंस की हालत तेजी से सुधरती है.

Symptoms Of Milk Fever: रोजाना मिनरल सॉल्ट खिलाने से कैल्शियम की कमी कम होती है. साथ ही, बच्चा देने के बाद 2–3 दिन तक पूरा दूध एक साथ न निकालें—थनों में थोड़ा दूध छोड़ने से बीमारी की संभावना घट जाती है.

Milk Fever Symptoms: मिल्क फीवर तब होता है जब ब्याने के बाद अचानक दूध उत्पादन बढ़ जाता है और शरीर कैल्शियम नहीं बना पाता. ठंड इस कमी को और बढ़ा देती है, जिससे पशु सुस्त, कमजोर और ठंडा महसूस करने लगता है.