किसानों के साथ धोखा पड़ेगा महंगा, नकली बीज और कीटनाशकों पर केंद्र का बड़ा एक्शन

मंत्री ने खाद और उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यूरिया और अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 1 Jan, 2026 | 10:59 AM

Fake seeds law: देश के किसानों को लंबे समय से नकली और घटिया बीज व कीटनाशक जैसी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है . कई बार किसान मेहनत से फसल बोते हैं, लेकिन खराब गुणवत्ता के बीज या दवाओं के कारण पूरी फसल बर्बाद हो जाती है. अब इस परेशानी को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही बीज और कीटनाशकों को लेकर एक नया और सख्त कानून लागू किया जाएगा.

नकली उत्पाद बेचने वालों पर होगी आपराधिक कार्रवाई

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में आयोजित ‘शेतकरी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने साफ कहा कि नए कानून के तहत नकली बीज और कीटनाशक बेचने वाली कंपनियों और व्यक्तियों पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी. अगर घटिया बीज या दवाओं के कारण फसल खराब होती है, तो कंपनियों को किसानों को पूरा मुआवजा देना होगा. इससे किसानों को न्याय मिलेगा और बाजार में धोखाधड़ी पर भी रोक लगेगी.

किसानों की जेब और भरोसे की सुरक्षा

सरकार का मानना है कि इस कानून से किसानों का भरोसा मजबूत होगा. अब तक कई मामलों में किसान यह साबित ही नहीं कर पाते थे कि फसल खराब होने की वजह बीज या कीटनाशक थे. नए प्रावधानों के बाद कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और किसानों को अपनी मेहनत का सही फल मिलने की उम्मीद बढ़ेगी.

महाराष्ट्र को मिली कृषि विकास की बड़ी मदद

इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र के लिए बड़ी राहत का भी ऐलान किया. उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत राज्य को 367 करोड़ रुपये की 21वीं किस्त जारी की. इस राशि का उपयोग कृषि ढांचे को मजबूत करने, नई तकनीकों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है.

कृषि शिक्षा में बदलाव की जरूरत

शिवराज सिंह चौहान ने कृषि शिक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि खेती में तेजी से तकनीकी बदलाव हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा पाठ्यक्रम आज भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं. अब समय आ गया है कि कृषि से जुड़े कोर्स में आधुनिक तकनीक, डिजिटल खेती, मशीनरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों को शामिल किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्यक्रम बदलने के लिए सालों इंतजार करना ठीक नहीं है, बल्कि जरूरत के हिसाब से तुरंत बदलाव होने चाहिए.

ऑर्गेनिक खेती के लिए भरोसेमंद प्रमाणन

केंद्रीय मंत्री ने ऑर्गेनिक खेती को लेकर भी एक अहम घोषणा की. उन्होंने बताया कि सरकार एक स्वतंत्र और विश्वसनीय सर्टिफिकेशन सिस्टम लाने की तैयारी में है. इससे रसायन मुक्त और अवशेष रहित खेती करने वाले किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिल सकेंगे. उनका मानना है कि प्रमाणित जैविक उत्पादों की कीमत सामान्य फसलों से लगभग दोगुनी तक हो सकती है.

खाद और उर्वरकों की कालाबाजारी पर चेतावनी

मंत्री ने खाद और उर्वरकों की कृत्रिम कमी पैदा करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यूरिया और अन्य उर्वरकों की कालाबाजारी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके.

पारदर्शी व्यवस्था से मिलेगा सीधा लाभ

उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली के जरिए सरकारी सहायता सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच रही है. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और मदद समय पर मिल रही है. कृषि यंत्रों और सूक्ष्म सिंचाई पर मिलने वाली सब्सिडी भी पारदर्शी तरीके से दी जा रही है.

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