Ganesh Chaturthi: 13 या 14 सितंबर, कब विराजेंगे बप्पा.. किस दिन करें विसर्जन? जानें सही मुहूर्त
Ganesh Chaturthi 2026: ढोल-नगाड़ों की गूंज, घर में सजे गणपति और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ जल्द ही गणेश उत्सव की शुरुआत होने वाली है. भक्तों को इस साल बप्पा के आगमन का बेसब्री से इंतजार है. लेकिन गणेश जी की स्थापना के साथ ही विसर्जन के शुभ समय का भी खास महत्व माना जाता है. ऐसे में अगर आप भी घर पर गणपति स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं, तो जानिए 14 सितंबर से लेकर 20 सितंबर 2026 तक स्थापना और अलग-अलग दिनों के विसर्जन के सभी शुभ मुहूर्त.

पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर 2026 को सुबह 7:06 बजे शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के अनुसार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी. इसी दिन घरों में गणपति जी की स्थापना होगी.

गणेश जी की स्थापना और पूजा के लिए शुभ समय 14 सितंबर को सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा. इस दौरान भक्त विधि-विधान से बप्पा की स्थापना और पूजा कर सकते हैं.

15 सितंबर (डेढ़ दिन का विसर्जन) डेढ़ दिन बाद गणेश विसर्जन के लिए दोपहर 12:16 से 1:48 बजे तक अमृत चौघड़िया, दोपहर 3:21 से 4:53 बजे तक शुभ चौघड़िया और शाम 6:26 से 7:53 बजे तक लाभ चौघड़िया रहेगा.

16 सितंबर (तीसरे दिन विसर्जन): तीसरे दिन विसर्जन के लिए सुबह 10:43 से दोपहर 12:16 बजे तक शुभ चौघड़िया रहेगा. इसके अलावा दोपहर 3:20 से शाम 6:25 बजे तक चर और लाभ चौघड़िया तथा शाम 7:53 से रात 12:16 बजे तक शुभ, अमृत और चर चौघड़िया रहेगा.

18 सितंबर (पांचवें दिन विसर्जन): पांचवें दिन गणपति विसर्जन के लिए सुबह 6:07 से 10:43 बजे तक चर, लाभ और अमृत चौघड़िया, दोपहर 12:15 से 1:47 बजे तक शुभ चौघड़िया और शाम 4:51 से 6:23 बजे तक चर चौघड़िया रहेगा.

20 सितंबर (सातवें दिन विसर्जन): सातवें दिन विसर्जन के लिए सुबह 7:40 से दोपहर 12:14 बजे तक चर, लाभ और अमृत चौघड़िया, दोपहर 1:46 से 3:17 बजे तक शुभ चौघड़िया और शाम 6:20 से रात 10:46 बजे तक शुभ, अमृत और चर चौघड़िया रहेगा. भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार डेढ़, तीसरे, पांचवें, सातवें या अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं.