गर्मी में एक छोटी गलती और खत्म हो सकता है आपका पोल्ट्री बिजनेस! बिहार सरकार ने जारी किया अलर्ट

Poultry Farming Tips: गर्मी का मौसम आते ही मुर्गी पालन करने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ता तापमान न सिर्फ मुर्गियों की सेहत पर असर डालता है, बल्कि अंडा उत्पादन भी कम कर देता है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, कई बार छोटी-सी लापरवाही बड़े नुकसान में बदल जाती है. लेकिन अगर सही देखभाल और कुछ आसान उपाय अपनाए जाएं, तो किसान न सिर्फ अपनी मुर्गियों को गर्मी से बचा सकते हैं, बल्कि इस मौसम में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 25 Mar, 2026 | 11:30 PM
1 / 6गर्मी के मौसम में मुर्गियों के लिए सबसे जरूरी है कि उनका शेड ठंडा और अच्छी तरह हवादार हो. अगर शेड में हवा का सही प्रवाह नहीं होगा तो गर्मी अंदर ही फंस जाएगी, जिससे मुर्गियां तनाव में आ सकती हैं. छत पर फूस या पुआल डालना, सफेद पेंट करना और आसपास पेड़-पौधे लगाना तापमान को कम रखने में मदद करता है.

गर्मी के मौसम में मुर्गियों के लिए सबसे जरूरी है कि उनका शेड ठंडा और अच्छी तरह हवादार हो. अगर शेड में हवा का सही प्रवाह नहीं होगा तो गर्मी अंदर ही फंस जाएगी, जिससे मुर्गियां तनाव में आ सकती हैं. छत पर फूस या पुआल डालना, सफेद पेंट करना और आसपास पेड़-पौधे लगाना तापमान को कम रखने में मदद करता है.

2 / 6बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, ज्यादा भीड़ होने से मुर्गियों को पर्याप्त जगह नहीं मिलती, जिससे वे तनावग्रस्त हो जाती हैं और बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए उन्हें खुली और आरामदायक जगह देना जरूरी है.

बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार, ज्यादा भीड़ होने से मुर्गियों को पर्याप्त जगह नहीं मिलती, जिससे वे तनावग्रस्त हो जाती हैं और बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए उन्हें खुली और आरामदायक जगह देना जरूरी है.

3 / 6शेड के आसपास पेड़-पौधे लगाने से न सिर्फ छाया मिलती है बल्कि वातावरण भी ठंडा रहता है. इससे मुर्गियों को सीधी धूप से बचाव मिलता है और उनका शरीर ज्यादा गर्म नहीं होता. यह तरीका प्राकृतिक और सस्ता होने के साथ-साथ बहुत असरदार भी है.

शेड के आसपास पेड़-पौधे लगाने से न सिर्फ छाया मिलती है बल्कि वातावरण भी ठंडा रहता है. इससे मुर्गियों को सीधी धूप से बचाव मिलता है और उनका शरीर ज्यादा गर्म नहीं होता. यह तरीका प्राकृतिक और सस्ता होने के साथ-साथ बहुत असरदार भी है.

4 / 6गर्मी में मुर्गियों को सामान्य दिनों से ज्यादा प्यास लगती है. अगर उन्हें समय पर पानी नहीं मिलता तो वे जल्दी कमजोर हो जाती हैं और उनका अंडा उत्पादन भी कम हो जाता है. इसलिए हर समय साफ, ताजा और हल्का ठंडा पानी उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है.

गर्मी में मुर्गियों को सामान्य दिनों से ज्यादा प्यास लगती है. अगर उन्हें समय पर पानी नहीं मिलता तो वे जल्दी कमजोर हो जाती हैं और उनका अंडा उत्पादन भी कम हो जाता है. इसलिए हर समय साफ, ताजा और हल्का ठंडा पानी उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है.

5 / 6गर्मी के दौरान मुर्गियों की ताकत बनाए रखने के लिए उन्हें सही पोषण देना जरूरी है. उनके आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की उचित मात्रा होनी चाहिए, ताकि वे गर्मी के असर को झेल सकें और उनका उत्पादन भी प्रभावित न हो.

गर्मी के दौरान मुर्गियों की ताकत बनाए रखने के लिए उन्हें सही पोषण देना जरूरी है. उनके आहार में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स की उचित मात्रा होनी चाहिए, ताकि वे गर्मी के असर को झेल सकें और उनका उत्पादन भी प्रभावित न हो.

6 / 6गर्मी के मौसम में गंदगी जल्दी फैलती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए शेड की नियमित सफाई करना, खाने-पीने की जगह को साफ रखना और बीमार मुर्गियों को तुरंत अलग करना बहुत जरूरी है. समय पर इलाज से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.

गर्मी के मौसम में गंदगी जल्दी फैलती है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए शेड की नियमित सफाई करना, खाने-पीने की जगह को साफ रखना और बीमार मुर्गियों को तुरंत अलग करना बहुत जरूरी है. समय पर इलाज से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है.

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Published: 25 Mar, 2026 | 11:30 PM
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