सालों तक नहीं खराब होगा चावल, दूर-दूर तक नजर नहीं आएंगे घुन और फंगस, बस अपनाएं ये 6 देसी टिप्स

Tips And Tricks: भारतीय घरों में चावल बड़ी मात्रा में स्टोर किए जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ी परेशानी है कि कुछ ही समय बाद इनमें घुन और कीड़े लग जाते हैं. बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले प्रॉडक्ट सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं. ऐसे में प्राकृतिक और घरेलू नुस्खे सबसे सुरक्षित और असरदार विकल्प हैं. हल्दी, नमक, लौंग और काली मिर्च जैसी सामान्य चीज़ें न सिर्फ किचन में आसानी से उपलब्ध होती हैं बल्कि इनके गुण चावल को लंबे समय तक सुरक्षित भी रखते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 26 Aug, 2025 | 09:20 PM
1 / 6चावल को हमेशा ऐसे कंटेनर में स्टोर करें जिसमें नमी बिल्कुल भी न हो. नमी सबसे बड़ी वजह होती है घुन और फंगस पनपने की. अगर चावल को पहले से छानकर और धूप में सुखाकर रखा जाए तो वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.

चावल को हमेशा ऐसे कंटेनर में स्टोर करें जिसमें नमी बिल्कुल भी न हो. नमी सबसे बड़ी वजह होती है घुन और फंगस पनपने की. अगर चावल को पहले से छानकर और धूप में सुखाकर रखा जाए तो वह लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.

2 / 6आधा चम्मच हल्दी से बनी पोटली चावल के कंटेनर में रखने से कीड़े लगने का खतरा कम हो जाता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक कंपाउंड एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो चावल को खराब होने से बचाता है और उसमें ताजगी बनाए रखता है.

आधा चम्मच हल्दी से बनी पोटली चावल के कंटेनर में रखने से कीड़े लगने का खतरा कम हो जाता है. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक कंपाउंड एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो चावल को खराब होने से बचाता है और उसमें ताजगी बनाए रखता है.

3 / 6जिला कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार, फॉल्स स्मट रोग से लगभग 28,045 एकड़ धान प्रभावित हुआ है. (फोटो क्रेडिट-Canva)

जिला कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार, फॉल्स स्मट रोग से लगभग 28,045 एकड़ धान प्रभावित हुआ है. (फोटो क्रेडिट-Canva)

4 / 6अमेरिकी किसानों का दबाव बढ़ा, भारतीय चावल पर भारी शुल्क का प्रस्ताव, pc-canva

अमेरिकी किसानों का दबाव बढ़ा, भारतीय चावल पर भारी शुल्क का प्रस्ताव, pc-canva

5 / 6भारत के चावल निर्यात पर EU की नई बाधा, टैरिफ बढ़ने से बढ़ेगी मुश्किलें, फोटो क्रेडिट-pexels

भारत के चावल निर्यात पर EU की नई बाधा, टैरिफ बढ़ने से बढ़ेगी मुश्किलें, फोटो क्रेडिट-pexels

6 / 6पत्र में आगे कहा गया कि मिलिंग  में देरी से बचने के लिए पंजाब को कम से कम 25 लाख मीट्रिक टन गैर-फोर्टिफाइड चावल का कोटा दिया जाना चाहिए. (फोटो क्रेडिट- Canva)

पत्र में आगे कहा गया कि मिलिंग  में देरी से बचने के लिए पंजाब को कम से कम 25 लाख मीट्रिक टन गैर-फोर्टिफाइड चावल का कोटा दिया जाना चाहिए. (फोटो क्रेडिट- Canva)

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Published: 26 Aug, 2025 | 09:20 PM

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