PM Kisan: 24 फरवरी के बाद कभी भी जारी हो सकती है 22वीं किस्त, क्या इन किसानों को मिलेंगे 4000 रुपये?

पीएम-किसान योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है. शुरू होने के बाद से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है. सरकार सीधे नकद सहायता देकर छोटे किसानों की साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना चाहती है.

नोएडा | Updated On: 17 Feb, 2026 | 12:18 PM

Agriculture News: देशभर के लाखों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार 24 फरवरी 2026 के बाद यह राशि जारी कर सकती है. इस योजना के तहत पात्र जमीनधारी किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की गई थी और अब अगली किस्त का समय आ गया है. वहीं, कहा जा रहा है कि इस बार कुछ किसानों को 4000 रुपये मिलेंगे.

यह योजना 2019 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद किसानों को खेती और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक मदद देना है. पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे किसानों के खातों में भेजा जाता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका  खत्म होती है. हालांकि कृषि मंत्रालय ने अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन खबरों के अनुसार फरवरी 2026 के आखिरी सप्ताह में किस्त जारी हो सकती है. होली से पहले राशि मिलने से किसानों को खेती के नए सीजन और त्योहार के खर्चों में राहत मिल सकती है.

4,000 रुपये मिलने की शर्तें

कुछ किसानों को इस बार 4,000 रुपये मिलने की चर्चा है. अधिकारियों के मुताबिक यह कोई बोनस नहीं है. जिन किसानों की 21वीं किस्त तकनीकी गड़बड़ी या अधूरे दस्तावेजों के कारण रुक गई थी, अगर उन्होंने अब आधार लिंकिंग, भूमि सत्यापन  और जरूरी अपडेट पूरा कर लिया है, तो उन्हें एक साथ 21वीं और 22वीं किस्त यानी कुल 4,000 रुपये मिल सकते हैं. जिन किसानों का रिकॉर्ड पहले से सही है, उन्हें सामान्य रूप से 2,000 रुपये ही मिलेंगे.

e-KYC और जरूरी सत्यापन

सरकार ने सभी लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है, ताकि योजना का लाभ सही किसानों तक पहुंचे. जिन किसानों ने अभी तक e-KYC  पूरा नहीं किया है, वे तुरंत पीएम-किसान पोर्टल या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करें. इसके अलावा भूमि सीडिंग और बैंक खाते को आधार से लिंक करना भी जरूरी है. इन शर्तों को पूरा नहीं करने पर किस्त रुक सकती है, भले ही पहले पैसा मिल चुका हो.

स्टेटस कैसे चेक करें

किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ सेक्शन में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालकर स्टेटस देख सकते हैं. वहां डैशबोर्ड पर e-KYC, भूमि सीडिंग और FTO (फंड ट्रांसफर ऑर्डर) की जानकारी मिलती है. अगर FTO के सामने ‘Yes’ लिखा है, तो इसका मतलब है कि भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

पीएम किसान योजना का उदेश्य

पीएम-किसान योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है. शुरू होने के बाद से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है. सरकार सीधे नकद सहायता देकर छोटे किसानों की साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना चाहती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर किस्त मिलने से किसान बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी सामान खरीद पाते हैं, जिससे खेती मजबूत होती है, खाद्य सुरक्षा बढ़ती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है. यह योजना कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की दिशा में सरकार की अहम पहल बनी हुई है.

 

Published: 17 Feb, 2026 | 12:18 PM

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