बिहार के किसानों के लिए नया मोबाइल ऐप लॉन्च, एक क्लिक पर मिलेगा योजनाओं का लाभ

बिहार कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि 'बिहार कृषि' ऐप के शुरू होते ही अब तक 5 लाख किसान इस ऐप में अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. उन्होंने बताया कि ऐसी उम्मीद है कि आगे करीब 50 लाख किसान इस ऐप के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे.

नई दिल्ली | Published: 22 May, 2025 | 02:23 PM

खेती को लेकर किसानों के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती होती है वो है खेती से जुड़ी सही जानकारी का न होना. केंद्र और राज्य सरकार किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए कई तरह की योजनाएं लेकर आती है. इसी कड़ी में बिहार कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि बिहार सरकार किसानों के लिए एक नया मोबाइल ऐप लेकर आई है. जिसकी मदद से किसान कृषि संबंधी सारी जानकारी एक क्लिक पर पा सकेंगे. इस मोबाइल एप्लीकेशन का नाम है बिहार कृषि है.

ऐप से इन योजनाओं का मिलेगा लाभ

कृषि विभाग सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश के किसानों के लिए एक नया ऐप लॉन्च किया गया है. उन्होंने बताया कि किसानों के लिए चलाई जा रही सारी सरकारी योजनाओं की जानकारी और फॉर्म जैसे पीएस किसान सम्मान निधि, पीएम फसल बीमा योजना आदि एक ही जगह पर उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके अलावा इस ऐप के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी सारी जानकारी भी दी जाएगी.

5 लाख किसान करा चुके रजिस्ट्रेशन

बिहार कृषि विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि ‘बिहार कृषि’ ऐप के शुरू होते ही अब तक 5 लाख किसान इस ऐप में अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. उन्होंने बताया कि ऐसी उम्मीद है कि आगे करीब 50 लाख किसान इस ऐप के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के किसानों के लिए सीएम नीतीश कुमार ने कई और अहम योजनाओं का भी लोकार्पण किया है.

किसानों की मदद कर रहे ये ऐप

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की सहूलियत और उनकी फसलों के बचाव के लिए पहले भी कई ऐप लॉन्च कर चुकी हैं. इन ऐप की मदद से किसानों को मौसम की सटीक जानकारी पहले ही मिल जाती है. जिससे किसानों को अपनी फसलों के बचाव का समय मिल जाता है. मेघदूत और दामिनी ऐप ऐसी ही ऐप हैं. मेघदूत ऐप किसानों को मौसम के अनुकूल खेती करने की जानकारी देता है . वहीं दामिनि ऐप की मदद से किसानों को अपने आस-पास के 40 किमी के क्षेत्र में बिजली गिरने की जानकारी पहले ही दे दी जाती है.