फोटो अपलोड करते ही पता चलेगी फसल की बीमारी, सरकारी मोबाइल ऐप बताएगी इलाज का तरीका 

किसान अब खेती हाईटेक की ओर अग्रसर हैं. बदलते मौसम की वजह से फसलों में तेजी से कीटों का प्रकोप भी देखा जाता है, लेकिन समय पर बीमारी पता नहीं चलने और उपाय नहीं किए जाने से किसानों को नुकसान होता है. लेकिन, अब मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से पौधे की फोटो लेते ही बीमारी और उसके बचाव के उपाय पता चल जाएंगे.

किसान इंडिया डेस्क
नोएडा | Updated On: 17 May, 2026 | 07:45 PM

Hightech Farming Tools: नई तकनीक अब किसानों के लिए वरदान बनी गई है. कीट लगने का कारण, उपचार और रोकथाम, आदि के बारे में अब एक ही क्लिक में सारी जानकारी प्राप्त की जा सकती है. किसान अपने मोबइल में यह एप्लीकेशन डाउनलोड करके, फसलों को सुरक्षित रख सकते हैं.

अब कृषि के क्षेत्र भी नवाचार हो रहा है, देश के किसान धीरे-धीरे अब हाईटेक होते जा रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें किसानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने का प्रयास तेज़ी से कर रही हैं। इसी दिशा में देश की राजधानी दिल्ली के पूसा में ‘छठा अंतरराष्ट्रीय सस्य विज्ञान कांग्रेस’ का आयोजन किया जा रहा है, जो किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम 27 नवंबर तक चलेगा और इसमें कई वैज्ञानिक शामिल हुए हैं।

कृषि में तकनीक की नई भूमिका

वैज्ञानिक बताते हैं कि देश का किसान अब खेती हाईटेक की ओर अग्रसर है और अब खेती हाईटेक हुए बिना संभव भी नहीं है। मौसम तेजी से बदल रहा है और इसका सीधा असर किसानों की उपज पर पड़ता है। ऐसे में तकनीक किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। नई तकनीकों के ज़रिए मौसम की मार, कीट प्रबंधन और रोग पहचान जैसी समस्याओं का हल तुरंत मिल रहा है। यही कारण है कि किसान तेजी से टेक्नोलॉजी से जुड़ रहे हैं। इसी तकनीकी बदलाव का बड़ा हिस्सा है ‘राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (NPSS)’ ऐप, जिसे भारत सरकार ने 15 अगस्त 2024 को लॉन्च किया था।

इस तरह काम करता है एनपीएसएस ऐप

वैज्ञानिक बताते हैं कि यह ऐप किसानों का काम बेहद आसान कर देता है। अगर फसल में कोई कीट दिखाई दे तो किसी कीटनाशक की दुकान पर भागने या मनमाने रसायन खरीदने की जरूरत नहीं है। किसान केवल फसल की एक तस्वीर ऐप पर अपलोड करें। फोटो अपलोड होने के कुछ ही समय बाद विशेषज्ञों और एआई की मदद से समस्या की पहचान कर समाधान भेज दिया जाता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है और इसका उपयोग बेहद आसान है।

ऐप्लीकेशन के फायदे

आगे वे बताते है कि यह ऐप किसानों को कीटनाशक के अत्यधिक उपयोग से बचाता है। कई बार किसान दुकानदारों की सलाह पर महंगे और अनावश्यक कीटनाशक खरीद लेते हैं, लेकिन अब एआई और वैज्ञानिकों की टीम खुद सही सलाह दे रही है। ऐप की एआई फसल पर लगे कीटों और रोगों की सटीक पहचान करती है और विशेषज्ञ उसके उपचार का सबसे अच्छा तरीका बताते हैं।

एनपीएसएस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह ऐप मोबाइल और वेब पोर्टल दोनों रूप में उपलब्ध है। किसानों की सुविधा के लिए इसे हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और पंजाबी जैसी भाषाओं में लॉन्च किया गया है.

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Published: 17 May, 2026 | 03:45 PM

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