किसानों के सवालों के जवाब देने और उनकी खेती से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए 5 साल पहले जुलाई 2021 में शुरू किए गए एकीकृत डिजिटल कृषि सलाहकार मंच किसान सारथी प्लेटफॉर्म अब देश के 6.63 लाख गांवों तक पहुंच चुका है. मंच से करीब 3 करोड़ किसानों ने जुड़कर अपनी खेती संबंधी समस्या का हल पाया है. कृषि वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड 19 लाख से ज्यादा किसानों के सवालों के जवाब दिए हैं और 21 हजार से ज्यादा कृषि एडवाइजरी जारी की हैं, जिनसे किसानों को कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल करने में और अच्छी कीमत पाने में मदद मिली है.
56 लाख महिला किसानों को 19 लाख प्रश्नों के मिले जवाब
केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि किसान सारथी प्लेटफॉर्म के साथ 4,767 आईसीएआर वैज्ञानिक और 113 आईसीएआर संस्थान जुड़े हुए हैं. इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 2.95 करोड़ किसान पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 56.16 लाख महिला लाभार्थी भी शामिल हैं. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जुलाई 2021 में शुरू किए गए इस एकीकृत डिजिटल कृषि सलाहकार मंच पर अब तक 19.21 लाख प्रश्नों का समाधान किया जा चुका है. इसके अलावा, किसानों के लिए 351 कृषि उत्पादों से संबंधित 21,900 कृषि सलाह भी जारी की गई हैं.
देश के सभी राज्यों, जिलों और गांवों में पहुंचा किसान सारथी मंच
करीब 2.89 करोड़ किसानों ने अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) जाकर इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया. इनमें से 5.35 लाख किसान कॉल सेंटर के माध्यम से, 21,517 मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए, 2,416 वेब पोर्टल के माध्यम से और 39,193 कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए पंजीकरण हुए. सरकार ने बताया कि किसान सारथी की सेवाएं देश के 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 768 जिलों और 6.63 लाख गांवों तक पहुंच चुकी हैं.
किसानों को समय पर सटीक जानकारी देने में सक्षम
यह प्लेटफॉर्म इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम (आईआईडीएस) का उपयोग करता है, जिससे किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच दो-तरफा संवाद संभव हो पाता है. साथ ही कृषि अनुसंधान से जुड़ी जानकारी सीधे खेतों तक पहुंचाने में भी यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों को समय पर, विश्वसनीय और कई भाषाओं में कृषि संबंधी सलाह उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा, किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, मौसम से जुड़े अपडेट और विशेषज्ञों से सीधे परामर्श की सुविधा भी मिलती है.
712 कृषि योजनाओं की जानकारी जुटाए है कृषि मंत्रालय का डिजिटल मंच
यह प्लेटफॉर्म इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की संयुक्त पहल है, जिसे भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान और डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन ने विकसित और लागू किया है. सरकार का कहना है कि इन सभी संस्थानों के एक साथ जुड़ने से देश भर में कृषि सलाह का एक मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार हुआ है. यह प्लेटफॉर्म किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, भारत मौसम विज्ञान विभाग, मायस्कीम और भाषिनी जैसी प्रमुख राष्ट्रीय सेवाओं से भी जुड़ा हुआ है, जिससे किसानों को 610 सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है, जिनमें 102 योजनाएं केंद्र सरकार की हैं.
पोल्ट्री, बागवानी, चारा समेत सभी तरह की जानकारी
किसान सारथी प्लेटफॉर्म पर सभी प्रमुख अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी फसलों, बागान फसलों और चारा फसलों से संबंधित कृषि सलाह उपलब्ध कराई जाती है. इसके अलावा पशुपालन, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और अन्य संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी भी किसानों को दी जाती है. किसान अपनी स्थानीय भाषा में कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों से सवाल पूछ सकते हैं और उसी भाषा में सलाह प्राप्त कर सकते हैं. किसान सारथी प्लेटफॉर्म 13 क्षेत्रीय भाषाओं में विशेषज्ञों से लाइव बातचीत की सुविधा भी देता है. इससे कृषि अनुसंधान संस्थानों की पहुंच बढ़ी है और वैज्ञानिक सलाह अधिक से अधिक किसानों तक पहुंच रही है.
किसान सारथी (kisansarathi.in) मोबाइल ऐप्लीकेशन को गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.