छोटे किसानों को कृषि यंत्र किराए पर देगी सरकार, हर विधानसभा में खुलेगी एग्रीकल्चर मशीनों की दुकान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे किसानों को खेती में कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सके. उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते में कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए छोटे किसानों को आधुनिक मशीने किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 25 Mar, 2026 | 04:58 PM

किसानों को आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल खेती में बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि मशीनों और तकनीक के इस्तेमाल से किसान खेती की लागत और समय दोनों बचा सकते हैं. जबकि, उत्पादन और क्वालिटी बेहतर हासिल की जा सकती है. इसके लिए राज्य सरकार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों को किराए पर उपलब्ध कराएगी और हर विधानसभा में आधुनिक कृषि यंत्रों की दुकान खोली जाएगी.

किसानों को किराए पर मिलेंगे कृषि यंत्र

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दतिया में किसान सम्मेलन में कहा कि छोटे किसानों को खेती में कृषि यंत्रों का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए, ताकि कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल किया जा सके. उन्होंने कहा कि किसानों को सस्ते में कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए छोटे किसानों को आधुनिक मशीने किराये पर उपलब्ध कराई जाएंगी.

विधानसभा स्तर पर कस्टम हाइरिंग सेंटर बनेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे किसानों को समय पर किराये पर कृषि यंत्र मिल जाएं और उनकी खेती अच्छी हो जाए. इसके लिए विधानसभा स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर यानी कृषि यंत्रों की किराये की दुकान खोली जा रही हैं. बता दें कि कृषि यंत्र काफी महंगी कीमत पर बाजार में मिलते हैं, इसलिए किसान उन्हें खरीद नहीं पाते हैं. ऐसे में सरकार ने किराये पर कृषि यंत्र देने का फैसला किया है.

किसानों को हैप्पी सीडर मशीनें दे रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान फसल काटने के बाद खेतों में नरवाई को न जलाएं, इससे भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर होती है. राज्य सरकार भूसा निर्माण के लिए किसानों को हैप्पी सीडर मशीनें प्रदान कर रही है. किसान भूसा बनाकर पास की गौशालाओं में बेचें. अब किसानों को गेहूं के साथ-साथ भूसे का भी पैसा मिलेगा.

बुंदेलखंड से कोई किसान नहीं करेगा पलायन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा रहा है. सिंचाई का रकबा कभी साढ़े 7 लाख हैक्टेयर था, जो अब बढ़कर 55 लाख हैक्टेयर तक पहुंच चुका है. पिछले 2 साल में सिंचित भूमि का रकबा लगभग दस लाख हैक्टेयर बढ़ गया है. केन-बेतवा लिंक नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड अंचल और आसपास के जिलों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिलेगा. अब बुंदेलखंड अंचल से कोई किसान पलायन करने को विवश नहीं होगा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 25 Mar, 2026 | 04:46 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को सफेद सोना कहा जाता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
गेहूं को फसलों का राजा कहा जाता है.
विजेताओं के नाम
नसीम अंसारी, देवघर, झारखंड.
रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

लेटेस्ट न्यूज़