किसान नेताओं की रिहाई के लिए पंजाब में प्रदर्शन, चलती ट्रेन के आगे खड़े हुए किसान, पुलिस ने कई को बंद किया

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रेस सचिव कंवर दलीप सिंह ने बयान में कहा कि सरकार की किसानों के साथ 7 जनवरी को बैठक होनी थी, लेकिन बिना बताए बैठक रद्द कर किसानों का अपमान किया गया. इसके विरोध में किसान सीएम से मिलने और सवाल-जवाब करने जाना चाहते थे.  लेकिन, प्रशासन ने किसानों पर लाठियां चलाईं और उन्हें हिरासत में लिया है.

नोएडा | Published: 19 Jan, 2026 | 12:43 PM

पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का आह्वान कर दिया है. मोर्चा के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि अगर सरवन सिंह पंढेर समेत हिरासत में लिए गए 15 किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता है तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा. उन्होंने राज्य के सभी किसानों और मजदूरों से पुलिस और प्रशासनिक दफ्तरों में भगवंत मान सरकार के पुतले फूंकने का आह्वान किया है. खबर लिखे जाने तक किसानों को रिहा कराने के लिए किसानों के प्रतिनिधि मंडल और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता चल रही है.

कई जगह विरोध-प्रदर्शन और प्रशासन के साथ नोकझोंक

किसान मजदूर मोर्चा के प्रमुख नेता सरवन सिंह पंढेर ने 16 जनवरी को ऐलान किया था कि अमृतसर के मजीठा में 18 जनवरी को पंजाब के सीएम भगवंत मान से किसानों की मांगों पर सवाल पूछे जाएंगे और उनका घेराव किया जाएगा. इस ऐलान के बाद हरकत में आए प्रशासन ने 17 जनवरी की रात में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर समेत 15 अन्य बढ़े किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया. इसके बाद 18 जनवरी को मजीठा में विरोध प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को रोका गया तो पुलिस के तनातना हो गई है और किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियां चलाईं. इसके बाद पूरे राज्य में जगह-जगह किसानों ने प्रदर्शन किया.

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रेस सचिव कंवर दलीप सिंह ने बयान में कहा कि सरकार की किसानों के साथ 7 जनवरी को बैठक होनी थी, लेकिन बिना बताए बैठक रद्द कर किसानों का अपमान किया गया. इसके विरोध में किसान सीएम से मिलने और सवाल-जवाब करने जाना चाहते थे.  लेकिन, प्रशासन ने किसानों पर लाठियां चलाईं और उन्हें हिरासत में लिया है.

विरोध-प्रदर्शन कर रहे बीकेयू एकता आजाद के प्रेसिडेंट को पुलिस ने हिरासत में लिया

बीकेयू एकता आजाद के प्रेसिडेंट जसविंदर सिंह लोंगोवाल की लीडरशिप में संगरूर जिले के शहर में लोंगोवाल ड्रेन के पुल पर किसानों ने धरना प्रदर्शन किया. किसानों ने आरोप लगाया कि यहां पर पुलिस ने किसानों पर लाठियां चलाई हैं. किसानों ने कहा कि जसविंदर सिंह लोंगोवाल समेत कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया. किसानों ने कहा कि पंजाब सरकार के दमनकारी नीतियों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे, सरकार के हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई से किसान डरने वाले नहीं हैं.

चलती ट्रेन के आगे ट्रैक पर खड़े हो गए किसान, आनन-फानन में रोकी गई ट्रेन

मोगा से अमृतसर रोड पर स्थित गांव दौलेवाला में किसानों ने रोड जाम कर दिया. किसानों ने कहा कि जब तक किसान नेताओं की रिहाई नहीं होगी. तब तक सड़क जाम रहेगी. वहीं, किसानों ने सुल्तानपुर लोधी के डंडविंडी में ट्रैक पर चल रही जालंधर-फिरोजपुर ट्रेन के आगे किसान खड़े हो गए. इससे ट्रेन अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में ट्रेन को रोका गया. किसानों ने ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया है और भगवंत मान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मौके से कई किसानों को प्रशासन ने हिरासत में लिया.

मजीठा में सीएम से मिलने जा रहे किसानों को रोकने पर पुलिस से तनातनी हो गई.

केएमएम नेता सतनाम सिंह पन्नू ने आंदोलन का आह्वान किया

किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर संगरूर में भगवंत मान सरकार के खिलाफ दिए जा रहे धरने पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ किसान मजदूर मोर्चा ने नए एक्शन का ऐलान किया. किसान मजदूर मोर्चा के नेता सतनाम सिंह पन्नू ने वीडियो जारी करते हुए कहा है कि अगर सरवन सिंह पंढेर समेत हिरासत में लिए गए 15 किसान नेताओं को रिहा नहीं किया जाता है तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा. उन्होंने राज्य के सभी किसानों और मजदूरों से पुलिस और प्रशासनिक दफ्तरों में भगवंत मान सरकार के पुतले फूंकने का आह्वान किया है.

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सतनाम सिंह पन्नू और प्रेस सचिव कंवर दलीप सिंह.

किसान नेताओं की रिहाई नहीं होने तक विरोध-प्रदर्शन और पुतले फूंकने का ऐलान

किसान नेता सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि आज पूरे पंजाब के थानों में किसान-मजदूर संगठन के कार्यकर्ता भगवंत मान सरकार का पुतला फूंकेंगे और रोष प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर आज किसान नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो अमृतसर और संगरूर समेत अन्य जिलों में धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि 21 तारीख को पंजाब में सरकारी दफ्तरों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे. उन्होंने कहा किसानों की रिहाई और मांगे नहीं माने जाने तक यह धरने और मोर्चे जारी रहेंगे. उन्होंने पंजाब समेत अन्य राज्यों के सभी किसानों मजदूरों से एकजुट होने का आह्वान किया है.

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