गुजरात में रिकॉर्ड बारिश, 36 घंटे में 1200 मिमी बरसात.. 22 हजार लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए
दक्षिण गुजरात में भारी बारिश ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. वलसाड के उमरगांव में 36 घंटे में 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई. IMD के अनुसार मॉनसून अभी सक्रिय है और बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र बन सकता है. गुजरात समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है. अधिकारियों के मुताबिक, वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में 36 घंटे में 1,200 मिमी बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. प्रशासन ने अब तक करीब 1,200 लोगों को रेस्क्यू किया है, जबकि 22 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में नवसारी और वलसाड शामिल हैं. इसके अलावा सूरत, अहमदाबाद, खेड़ा, तापी और डांग जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला है. राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं. अधिकारियों के अनुसार, नवसारी और वलसाड में सेना की दो टुकड़ियों को भी बचाव अभियान में लगाया गया है.
दक्षिण गुजरात में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक, वलसाड जिले के उमरगांव तालुका में बुधवार सुबह 6 बजे से गुरुवार शाम 6 बजे तक 36 घंटे में 1,200 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश को देखते हुए प्रभावित जिलों में शुक्रवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है. राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने इसकी घोषणा की. गुजरात सरकार के मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात कर बारिश प्रभावित जिलों में केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया है. वहीं, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी बातचीत की, जिन्होंने जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. वलसाड, सूरत और नवसारी जिलों में लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है. प्रशासन ने राहत और बचाव टीमों की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है.
इन राज्यों तक बारिश की गतिविधियां तेज
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण गुजरात में हुई अत्यधिक बारिश के पीछे एक खास मौसमी स्थिति रही. अरब सागर से आई नमी से भरी हवाएं गुजरात की ओर बढ़ीं और इनका सामना एक मजबूत मौसम प्रणाली से हुआ. इसके कारण गुजरात से लेकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और मणिपुर तक बारिश की गतिविधियां तेज हो गईं.
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नमी वाली हवाएं ऊपर उठीं और तेज बारिश में बदल गईं
वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो के कारण बादलों के बनने पर जो असर पड़ रहा था, उसमें अस्थायी कमी आने से भी इतनी भारी बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनीं. दक्षिण गुजरात में हुई भारी बारिश को पश्चिमी घाट की पहाड़ियों ने और तेज कर दिया. डांग और वलसाड जिलों में सापुतारा, डॉन हिल और विल्सन हिल जैसे पहाड़ी इलाकों की वजह से अरब सागर से आने वाली नमी वाली हवाएं ऊपर उठीं और तेज बारिश में बदल गईं.
दक्षिण गुजरात में बेहद भारी बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ियों से टकराकर हवा के ऊपर उठने की प्रक्रिया के कारण कम समय में बहुत ज्यादा बारिश हुई. ऐसी स्थिति को ओरोग्राफिक बारिश कहा जाता है. यूरोपीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) ने एक दिन पहले ही दक्षिण गुजरात में बेहद भारी बारिश की संभावना जताई थी. अब इसके अनुसार, शुक्रवार तक भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़ सकता है, जिससे वडोदरा, गोधरा, अहमदाबाद, मेहसाणा और आसपास के इलाकों में बारिश तेज होने की संभावना है.
24 घंटे में कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बेहद भारी बारिश हुई
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में बेहद भारी बारिश हुई. यहां कई जगहों पर 21 सेमी या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक भारी बारिश हुई. वहीं, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पंजाब, नागालैंड, विदर्भ, तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है.