IMD का अलर्ट, बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना, 20 सेमी तक होगी बरसात

देश के पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में सोमवार को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि मॉनसून अभी पूरे उत्तर भारत तक नहीं पहुंचा है. 2 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ के असर से गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 29 Jun, 2026 | 07:08 AM

Weather Update: देश में सोमवार को सबसे ज्यादा बारिश पहाड़ी इलाकों में होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के पहाड़ी क्षेत्रों में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर 24 घंटे में 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश होने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. वहीं, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में लू चल सकती है.

आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और केरल के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में भी भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, मेघालय के मावकिरवाट में 28 जून की सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान 39 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश,  बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

कई इलाकों में अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है

देश के कई हिस्सों में मॉनसून पहुंच चुका है, लेकिन उत्तर भारत के कई इलाकों में अभी भी भीषण गर्मी बनी हुई है. इसकी वजह यह है कि मॉनसून अभी पूरे उत्तर भारत में नहीं पहुंचा है. 28 जून तक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, मंडला और मोतिहारी तक ही पहुंची थी. मौसम विभाग के अनुसार, इस सीमा के उत्तर में स्थित उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाएं चल रही हैं. इसी कारण इन इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है.

कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना

हालांकि, आईएमडी ने सोमवार को बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कुछ हिस्सों में लू चलने की संभावना  जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और सामान्य से काफी ऊपर रहे, तो उसे लू की स्थिति माना जाता है. राजस्थान के फलोदी में 27 जून को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, दिल्ली में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि, शाम के समय हल्की बारिश, गरज-चमक और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.

मॉनसून ट्रफ पंजाब से बिहार तक फैला हुआ है

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भारी बारिश के पीछे दो मुख्य कारण हैं. पहला, मॉनसून ट्रफ यानी कम दबाव का एक लंबा क्षेत्र, जो फिलहाल पंजाब से बिहार तक फैला हुआ है. कम दबाव वाले क्षेत्रों की ओर हवाएं तेजी से बढ़ती हैं और ऊपर उठकर ठंडी होती हैं, जिससे बादल बनते हैं और बारिश होती है. इसी वजह से समुद्र से आने वाली नमी वाली हवाएं पूर्वी भारत की ओर पहुंच रही हैं.

2 जुलाई के बाद दिखेगा मौसम का रंग

दूसरा कारण पहाड़ी इलाकों का प्रभाव है. बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाएं जब पूर्वी हिमालय और मेघालय की खासी पहाड़ियों से टकराकर ऊपर उठती हैं, तो उनका तापमान कम हो जाता है. इससे जलवाष्प संघनित होकर तेज बारिश में बदल जाती है. यही वजह है कि सिक्किम और मेघालय अक्सर देश के सबसे अधिक वर्षा वाले राज्यों में शामिल रहते हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश, अरब सागर और तेलंगाना के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी कई क्षेत्रों में अतिरिक्त बारिश करा रहे हैं. मौसम विभाग ने कहा कि 2 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में पहुंच सकता है. इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 29 Jun, 2026 | 07:05 AM

लेटेस्ट न्यूज़