Kisan Bachao Padyatra: स्वतंत्रता दिवस के ठीक अगले दिन देश में किसान आंदोलन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेतृत्व में 16 अगस्त से ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ निकलेगी, जो हरियाणा के खनौरी मोर्चा स्थित दातासिंह वाला गांव से शुरू होकर करीब 228 किलोमीटर का सफर तय करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगी. किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने यात्रा का पूरा रूट जारी करते हुए कहा कि यह किसानों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से देश की राजधानी तक पहुंचाने का अभियान है. यात्रा का समापन 29 अगस्त को विशाल किसान महापंचायत के साथ होगा.
दातासिंह वाला से दिल्ली तक तय होगा 228 किलोमीटर का सफर
संयुक्त किसान मोर्चा के अनुसार पदयात्रा 16 अगस्त को दातासिंह वाला (खनौरी मोर्चा) से शुरू होगी. इसके बाद यह नरवाना, कुचाना, खटकड़, जींद, पुराना गोहाना रोड, लुदाना, नूरनखेड़ा, गोहाना अनाज मंडी, मुगलाना, इसराना, समालखा, जीटी रोड, मुरथल और सिंघु बॉर्डर से गुजरते हुए करनाल बाईपास के रास्ते जंतर-मंतर पहुंचेगी. यह यात्रा हर दिन निर्धारित पड़ावों पर रुकेगी और रास्ते में किसानों से संवाद भी किया जाएगा.
51 पदयात्री होंगे मुख्य चेहरा, 200 सहयोगी देंगे साथ
यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें 51 मुख्य सदस्य पूरे 228 किलोमीटर लगातार पैदल चलेंगे. उनके साथ लगभग 200 सहयोगी कार्यकर्ता और व्यवस्था, चिकित्सा व आवश्यक सेवाओं के लिए 25 से 35 सपोर्ट वाहन रहेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि इस बार आंदोलन में किसी भी प्रकार की ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल नहीं होगी. सभी पदयात्री सड़क की एक ओर अनुशासित पंक्ति में चलेंगे, ताकि आम जनता को कम से कम असुविधा हो.
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अमित शाह से लेकर दिल्ली पुलिस तक भेजी गई सूचना
अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि पदयात्रा की लिखित सूचना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और हरियाणा के डीजीपी को आधिकारिक रूप से भेज दी गई है. उन्होंने कहा कि पहले सरकार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अव्यवस्था और जाम का कारण बताती थी, लेकिन इस बार पूरी तरह पैदल और शांतिपूर्ण यात्रा निकाली जा रही है. ऐसे में सरकार को भी लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए.
29 अगस्त को जंतर-मंतर पर होगी निर्णायक महापंचायत
संयुक्त किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर के किसान संगठनों की विशाल महापंचायत आयोजित होगी. इसी सभा के साथ किसान बचाओ पदयात्रा का समापन होगा. संगठन का दावा है कि इस महापंचायत में विभिन्न राज्यों से हजारों किसान प्रतिनिधि शामिल होंगे और कृषि से जुड़े लंबित मुद्दों, एमएसपी, किसान अधिकारों तथा कृषि नीतियों पर आगे की रणनीति तय की जाएगी. किसान संगठनों का कहना है कि यह पदयात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि किसानों की आवाज को लोकतांत्रिक ढंग से संसद और सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है.