US डील के खिलाफ सेब किसानों ने दिल्ली में आंदोलन का ऐलान किया, संयुक्त किसान मोर्चा का मिला समर्थन

India US Trade Deal: एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) के बयान में कहा गया है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के विरोध में उनके आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन मिल गया है. मोर्चा ने सेब फेडरेशन को भरोसा दिलाया है कि वह विरोध का समर्थन करेगा.

रिजवान नूर खान
नई दिल्ली | Updated On: 27 Feb, 2026 | 06:20 PM

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के सेब उगाने वाले अगले महीने अमेरिकी सेब पर प्रस्तावित ड्यूटी में छूट के खिलाफ दिल्ली में प्रोटेस्ट करेंगे, ताकि घरेलू उगाने वालों को नुकसान से बचाया जा सके. एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) ने कहा कि अमेरिकी सेब भारत में आने से घरेलू सेब किसानों को कीमत नहीं मिलेगी और किसान बर्बाद हो जाएंगे. वहीं, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने देश में सेब उत्पादन और आयात को लेकर आंकड़े साझा करते हुए कहा है कि घरेलू सेब किसानों को कोई नुकसान नहीं होने वाला है.

एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) के हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष सोनल ठाकुर ने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड पैक्ट के तहत अमेरिकी सेब पर कोटा बेस्ड ड्यूटी में छूट दी है. अमेरिका का सेब बिना किसी इंपोर्ट ड्यूटी के भारतीय बाजार में आएंगे. ऐसे में सेब किसानों को डर है कि अमेरिकी सेब भारतीय बाजार में भर जाएंगे और इससे घरेलू किसानों को बड़ा झटका लगेगा.

मार्च में सेब किसान दिल्ली में डेरा डालेंगे

कुलगाम विधायक और ट्रेड यूनियन लीडर मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने पीटीआई से कहा कि हमने कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के सेब उगाने वालों को मिलाकर एक एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) बनाया है. यह संगठन सेब किसानों के हितों के लिए लड़ाई लड़ेगा. इसलिए मार्च में दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने संयुक्त किसान मोर्चा से अपील की है कि वे देश के सेब किसानों के साथ खड़े हों, जिनकी रोजी-रोटी पर हमला हो रहा है.

संयुक्त किसान मोर्चा सेब किसानों के आंदोलन को समर्थन देगा

एप्पल फार्मर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFFI) के बयान में कहा गया है कि उनके आंदोलन को संयुक्त किसान मोर्चा से समर्थन मिल गया है. मोर्चा ने सेब फेडरेशन को भरोसा दिलाया है कि वह विरोध का समर्थन करेगा. उन्होंने वादा किया है कि उनकी लीडरशिप विरोध प्रदर्शनों में शामिल होगी. बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 3 कृषि कानूनों के खिलाफ साल 2020 में देशव्यापी आंदोलन किया था. बयान में कहा गया है कि भारत-US ट्रेड डील पर करना मतलब अमेरिका के सामने एक तरह से सरेंडर करने जैसा है. संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है.

वाणिज्य मंत्री सेब किसानों को नुकसान नहीं होने की बात कह रहे

सेब या ट्री नट्स को लेकर पहाड़ी राज्यों की चिंताओं पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सेब को दबा नहीं रहे हैं. देश में सेब की डिमांड 25-26 लाख टन से ज्यादा है. हम लगभग 20-21 लाख टन सेब का उत्पादन करते हैं. अभी की बात करें तो हम हर साल 5.5 लाख टन सेब इंपोर्ट करते हैं. इसका एक बड़ा हिस्सा USA से आता है. हमने सेब को पूरी तरह से नहीं खोला है. हमने उन्हें सेब पर एक कोटा दिया है, जिसे हम वहां से खरीदेंगे. यह USA से अभी होने वाले सेब के इंपोर्ट से कम है.

उन्होंने कहा कि आज सेब का मिनिमम इंपोर्ट प्राइस 50 रुपये है और इस पर 50% ड्यूटी लगती है जो 25 रुपये और जोड़ देती है. तो 75 रुपये बेस प्राइस है जिसके नीचे सामान देश में नहीं आता है. तो एक तरह से यह वह सुरक्षा है जो सेब किसानों को भी मिलती है कि कोई भी सामान डंप करके इतना सस्ता नहीं कर सकता कि सेब को सही कीमत न मिले. लेकिन USA को हमने जो कोटा दिया है उसमें भी मिनिमम इंपोर्ट प्राइस 80 रुपये है, उस पर 20 रुपये की ड्यूटी है. तो उसकी लैंडेड कीमत 100 रुपये होगी. यह हमारे किसानों के साथ कॉम्पिटिशन में नहीं है.

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Published: 27 Feb, 2026 | 06:17 PM
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