Rahul Gandhi trade deal remarks: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस समझौते को लेकर जहां केंद्र सरकार इसे किसानों के लिए फायदेमंद बता रही है, वहीं विपक्ष सवाल उठा रहा है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पलटवार किया है. दोनों मंत्रियों का कहना है कि राहुल गांधी किसानों के नाम पर गलत जानकारी फैला रहे हैं और लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं.
पीयूष गोयल बोले—किसानों को गुमराह किया जा रहा है
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी बिना तथ्य के आरोप लगा रहे हैं. राहुल गांधी आदतन झूठे हैं. आज जारी एक वीडियो में उन्होंने झूठ बोलने और निराधार आरोप लगाने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कांग्रेस नेता झूठे नैरेटिव के जरिए किसानों को डराने और भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. गोयल ने साफ कहा कि मौजूदा सरकार ने हमेशा किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा है और कोई भी फैसला उनके नुकसान के लिए नहीं लिया गया है.
उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने बीते वर्षों में किसानों की भलाई के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. चाहे वह एमएसपी में बढ़ोतरी हो, किसान सम्मान निधि हो या फिर किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश—हर नीति का मकसद किसानों की आय बढ़ाना रहा है.
Annadata Devo Bhava!
Under PM @NarendraModi ji’s leadership, our farmers will always be secure, empowered, and prosperous. pic.twitter.com/tkUCHCsa7w
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 12, 2026
ट्रेड डील से किसानों को क्या फायदा होगा
पीयूष गोयल ने बताया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के जरिए भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए मौके खुलेंगे. उन्होंने कहा कि बासमती चावल, फल, मसाले, चाय और समुद्री उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है. इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम भी मिल सकेंगे.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि कपास और कपड़ा उद्योग से जुड़े किसानों के लिए भी यह समझौता फायदेमंद साबित होगा. कपास से बने उत्पादों का निर्यात बढ़ने से कपास की मांग बढ़ेगी, जिसका सीधा फायदा कपास उगाने वाले किसानों को मिलेगा. गोयल के अनुसार, यह समझौता किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा, न कि नुकसान.
‘किसानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’
पीयूष गोयल ने दो टूक कहा कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया है. उनका कहना था कि सरकार किसानों की लंबी अवधि की समृद्धि को ध्यान में रखकर फैसले लेती है. यह समझौता भी उसी दिशा में एक कदम है, जिससे किसानों को स्थायी लाभ मिल सके.
शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर तीखा प्रहार
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी झूठे हैं और देश के किसानों की वास्तविक चिंता कभी नहीं रही. चौहान के मुताबिक, कांग्रेस नेता बार-बार ऐसे बयान देते हैं जिससे भ्रम फैलता है और लोगों में गलतफहमी पैदा होती है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि राहुल गांधी ने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी किसानों के सशक्त होने से सहज नहीं हैं.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में देश का अन्नदाता सुरक्षित भी है, समर्थ भी है और सशक्त भी है। pic.twitter.com/I79m3TsV27
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 12, 2026
मोदी सरकार के फैसले हमेशा किसानों के पक्ष में
शिवराज सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का हर बड़ा फैसला किसानों को ध्यान में रखकर लिया गया है. उन्होंने कहा कि चाहे फसल बीमा योजना हो, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश हो या फिर अंतरराष्ट्रीय समझौते—हर कदम किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है.
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका के साथ हुए इस समझौते में अनाज उत्पादक किसानों, फल-सब्जी उगाने वाले किसानों और कृषि से जुड़े अन्य वर्गों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है.
राहुल गांधी ने क्या कहा था
राहुल गांधी ने ट्रेड डील को किसान-विरोधी बताते हुए साफ कहा था कि चाहे उनके खिलाफ FIR दर्ज हो, मुकदमा चले या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाया जाए, वह किसानों के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे. कांग्रेस के लोकसभा सांसदों के साथ बैठक में भी उन्होंने दोहराया कि ट्रेड डील के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. राहुल गांधी ने कहा कि जो भी समझौता किसानों की रोज़ी-रोटी छीनता है या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करता है, वह सीधे तौर पर किसान-विरोधी है और अन्नदाताओं के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा. इससे पहले बीजेपी सांसदों ने राहुल गांधी पर बिना तथ्यों के आरोप लगाने का दावा करते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव और यहां तक कि सदस्यता समाप्त करने जैसे कदमों की बात कही थी.