मॉनसून की रफ्तार पड़ी धीमी, जून के पहले 15 दिनों में 32 फीसदी कम बारिश, अगले 5 दिन क्यों हैं अहम?

Monsoon 2026: देश में मॉनसून की शुरुआत धीमी रही है. 1 से 15 जून के बीच भारत में सामान्य से 32 फीसदी कम बारिश हुई है और करीब 65 फीसदी क्षेत्र में बारिश की कमी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा कमी मध्य भारत और पूर्वी-उत्तर पूर्वी राज्यों में रही, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 16 Jun, 2026 | 01:55 PM

Monsoon Update 2026: देश में मॉनसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है. जून के पहले 15 दिनों में अधिकांश राज्यों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और मौसम विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 15 जून के बीच देश में औसतन 42.4 मिमी बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 62.1 मिमी मानी जाती है. यानी देशभर में अब तक 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है.

हालांकि मॉनसून लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन बारिश की कमी ने कई इलाकों में गर्मी और उमस को बढ़ा दिया है. ऐसे में खरीफ फसलों की बुवाई पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की कमी

मौसम विभाग के अनुसार देश के चार प्रमुख मौसम क्षेत्रों में से तीन क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. सिर्फ उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से अधिक बारिश हुई है.

आंकड़ों के मुताबिक 1 से 15 जून के बीच देश के करीब 65 प्रतिशत क्षेत्र में बारिश की कमी दर्ज की गई. यह स्थिति बताती है कि, मॉनसून अभी तक पूरे देश में समान रूप से सक्रिय नहीं हो पाया है.

पूर्वी और मध्य भारत सबसे ज्यादा प्रभावित

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश की स्थिति सबसे ज्यादा कमजोर रही है. पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में केवल 80.8 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 136 मिमी होनी चाहिए थी. इस तरह इस क्षेत्र में 41 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई. वहीं मध्य भारत, जिसमें ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात शामिल हैं, वहां स्थिति और भी चिंताजनक रही. यहां 53 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले केवल 22.7 मिमी बारिश हुई, जो 57 प्रतिशत की भारी कमी को दर्शाती है.

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है.यहां 75 मिमी औसत बारिश के मुकाबले 68.2 मिमी बारिश हुई, जो करीब 9 फीसदी कम है.

उत्तर-पश्चिम भारत में राहत

देश के अन्य हिस्सों के विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत में मॉनसून ने बेहतर प्रदर्शन किया है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित इस क्षेत्र में 25.4 मिमी के सामान्य स्तर के मुकाबले 27.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. यानी यहां करीब 8 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है.

अगले कुछ दिनों में मानसून पकड़ सकता है रफ्तार

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. इसके चलते महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मॉनसून और सक्रिय हो सकता है. सोमवार को मॉनसून पूरे आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पहुंच गया. वहीं तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ नए इलाकों में भी इसकी प्रगति दर्ज की गई है.

गर्मी और उमस बढ़ने की चेतावनी

बारिश की कमी के बीच मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है. 18 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है. इसके अलावा तेलंगाना और विदर्भ के कुछ इलाकों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. वहीं कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रह सकती है.

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