क्या आपके फोन पर भी अचानक बजा सायरन? जानिए क्यों आया ALERT और क्या है इसकी वजह

NDMA emergency alert: यह नया सिस्टम मोबाइल आधारित आपदा चेतावनी प्रणाली है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तहत देशभर में लागू किया जा रहा है. इसका मकसद यह है कि किसी भी आपदा या खतरे की स्थिति में लोगों तक बिना देरी के सीधे उनके मोबाइल फोन पर अलर्ट पहुंच सके.

नई दिल्ली | Published: 2 May, 2026 | 01:47 PM

NDMA emergency alert: अगर हाल ही में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज सायरन जैसी आवाज के साथ कोई अलर्ट मैसेज आया है, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. यह कोई खतरे का संकेत नहीं, बल्कि भारत सरकार द्वारा देशभर में किए जा रहे एक बड़े परीक्षण का हिस्सा है.

दरअसल, सरकार एक नई आपदा चेतावनी प्रणाली को परख रही है, ताकि भविष्य में भूकंप, बाढ़, सुनामी या किसी भी बड़ी आपात स्थिति के समय लोगों तक तुरंत और सही जानकारी पहुंचाई जा सके. इस टेस्ट के दौरान कई लोगों के मोबाइल फोन एक साथ बजने लगे, जिससे कुछ लोग घबरा गए, लेकिन अधिकारियों ने साफ किया है कि यह सिर्फ अभ्यास है.

क्या है यह नया अलर्ट सिस्टम

यह नया सिस्टम मोबाइल आधारित आपदा चेतावनी प्रणाली है, जिसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तहत देशभर में लागू किया जा रहा है. इसका मकसद यह है कि किसी भी आपदा या खतरे की स्थिति में लोगों तक बिना देरी के सीधे उनके मोबाइल फोन पर अलर्ट पहुंच सके. इस प्रणाली के जरिए भूकंप, सुनामी, बिजली गिरना, बाढ़, गैस लीक और अन्य खतरनाक स्थितियों में चेतावनी भेजी जा सकती है.

क्या है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम

यह एक हाईटेक तकनीक है, जिसे “सेल ब्रॉडकास्ट” कहा जाता है. इसके जरिए किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकता है. इस सिस्टम की खास बात यह है कि इसके लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होती. यानी अगर आपके फोन में डेटा या नेटवर्क कमजोर भी है, तब भी यह अलर्ट आपको मिल सकता है. जब यह अलर्ट आता है, तो मोबाइल में तेज सायरन जैसी आवाज होती है और स्क्रीन पर एक फ्लैश मैसेज दिखाई देता है, जिससे तुरंत ध्यान जाता है.

कैसे काम करता है यह सिस्टम

जब सरकार या आपदा प्रबंधन एजेंसी को किसी खतरे की जानकारी मिलती है, तो वह इस सिस्टम के जरिए प्रभावित इलाके के सभी मोबाइल फोन पर अलर्ट भेज देती है. यह अलर्ट कुछ ही सेकंड में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है. इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते सतर्क करना है, ताकि वे सुरक्षित स्थान पर जा सकें या जरूरी कदम उठा सकें.

SACHET सिस्टम से जुड़ेगा अलर्ट

सरकार ने इस अलर्ट सिस्टम को “SACHET” नाम दिया है. यह एक स्वदेशी इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम है, जिसे Centre for Development of Telematics (C-DOT) ने विकसित किया है. यह प्रणाली कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है, जिसकी सिफारिश इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन (ITU) ने की है. इसका मतलब है कि यह सिस्टम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया गया है और बेहद भरोसेमंद माना जाता है.

टेस्ट अलर्ट क्यों भेजे जा रहे हैं

सरकार इस सिस्टम की जांच करना चाहती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि असली आपदा के समय यह बिना किसी दिक्कत के काम करे. इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में टेस्ट अलर्ट भेजे जा रहे हैं. इस दौरान कई लोगों को तेज आवाज और मैसेज मिला, जिससे कुछ लोग परेशान भी हो गए. लेकिन NDMA ने साफ कहा है कि यह सिर्फ परीक्षण है और लोगों को किसी तरह की कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है.

इमरजेंसी अलर्ट ऑन या ऑफ कैसे करें

अगर आप एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते हैं, तो आप अपने मोबाइल में इन अलर्ट को ऑन या ऑफ कर सकते हैं. इसके लिए:

हालांकि सरकार का कहना है कि असली आपदा के समय ये अलर्ट सभी मोबाइल फोन पर भेजे जाएंगे और कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगे.

डिजिटल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल केवल एक मैसेज भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के डिजिटल आपदा प्रबंधन सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि भविष्य में किसी भी बड़ी आपदा के समय लोगों को समय पर जानकारी मिले और नुकसान को कम किया जा सके.

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