Digital food stamp India: राशन हर उस परिवार के लिए सबसे जरूरी चीज है, जो सरकार की मुफ्त या सस्ती अनाज योजना पर निर्भर है. अब तक राशन लेने के लिए कार्ड दिखाना, मशीन पर अंगूठा लगाना और कई बार तकनीकी दिक्कतों से जूझना आम बात थी. कभी अंगूठा मैच नहीं हुआ, कभी मशीन खराब निकली, तो कभी इंटरनेट ने साथ नहीं दिया. इन्हीं परेशानियों को खत्म करने के लिए सरकार एक नई और आसान व्यवस्था लाने जा रही है, जिसका नाम है डिजिटल फूड स्टैम्प.
डिजिटल फूड स्टैम्प आखिर है क्या?
डिजिटल फूड स्टैम्प को आप राशन कार्ड का डिजिटल रूप समझ सकते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि अब राशन की जानकारी और हक कागज या अंगूठे में नहीं, बल्कि सीधे आपके मोबाइल फोन में आएगा. सरकार हर महीने लाभार्थियों के मोबाइल पर डिजिटल फूड कूपन भेजेगी. ये कूपन एक सुरक्षित डिजिटल वॉलेट में जमा होंगे, जिसे सिर्फ राशन लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा. यानि अब न कार्ड खोने की चिंता, न अंगूठा लगने की टेंशन.
राशन मिलेगा कैसे?
जब आप राशन की दुकान पर जाएंगे, तो दुकानदार के पास लगा QR कोड अपने मोबाइल से स्कैन करना होगा. जैसे ही आप कोड स्कैन करेंगे, आपके मोबाइल में आया डिजिटल फूड स्टैम्प इस्तेमाल हो जाएगा और दुकानदार आपको आपका तय राशन दे देगा. पूरी प्रक्रिया कुछ सेकंड में पूरी हो जाएगी.
सरकार यह बदलाव क्यों कर रही है?
असल में बायोमेट्रिक सिस्टम से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं. बहुत से बुजुर्गों और मजदूरों के अंगूठों के निशान साफ नहीं होते, जिससे मशीन उन्हें पहचान नहीं पाती. कई जगह नेटवर्क नहीं चलता, तो कई बार मशीन खराब रहती है. ऐसे में लोगों को राशन नहीं मिल पाता या कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है.
डिजिटल फूड स्टैम्प इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश है. मोबाइल आधारित व्यवस्था होने से पहचान की दिक्कत कम होगी और राशन लेने की प्रक्रिया ज्यादा भरोसेमंद बनेगी.
इससे राशन व्यवस्था कैसे सुधरेगी?
डिजिटल फूड स्टैम्प से हर राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड अपने आप सिस्टम में दर्ज हो जाएगा. इससे यह साफ रहेगा कि किसे कब और कितना राशन मिला. इससे फर्जीवाड़ा, दोहरी एंट्री और राशन की चोरी पर लगाम लगेगी. सरकार के लिए भी यह देखना आसान होगा कि अनाज सही लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं. कुल मिलाकर, पूरी व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी बनेगी.
कहां से होगी शुरुआत?
सरकार इस योजना को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करेगी. शुरुआत में चंडीगढ़, पुडुचेरी और गुजरात के कुछ जिलों में इसे आजमाया जाएगा. वहां से मिले अनुभव के आधार पर सिस्टम को और बेहतर बनाया जाएगा, फिर इसे धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा.
जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उनका क्या?
यह सवाल सबसे जरूरी है. सरकार का कहना है कि जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, उनके लिए भी अलग इंतजाम किया जाएगा. राशन दुकानों पर सहायता की व्यवस्था होगी या फिर ऐसे सरल तरीके निकाले जाएंगे, जिससे कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे.
खाद्य सुरक्षा की ओर एक नया कदम
डिजिटल फूड स्टैम्प सिर्फ तकनीक का बदलाव नहीं है, बल्कि यह आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानी को समझकर लिया गया फैसला है. अगर यह योजना सही तरह से लागू होती है, तो राशन लेने की झंझट काफी हद तक खत्म हो सकती है.
अब उम्मीद है कि आने वाले समय में राशन लेना उतना ही आसान होगा, जितना मोबाइल से पेमेंट करना.