क्या अब राशन दुकानों के जरिए होगा साबूदाना का वितरण? किसानों ने सरकार से की ये बड़ी मांग

तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के साबूदाना किसानों ने सरकार से राशन दुकानों के जरिए सागो वितरण की मांग की है. किसानों का कहना है कि इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और दाम बेहतर मिलेंगे. बढ़ती लागत और कम कीमतों से किसान परेशान हैं, जबकि बागवानी विभाग ने फैसले को सरकार पर छोड़ा है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 13 Jan, 2026 | 11:58 AM

Sago Mandi Rate: तमिलनाडु के धर्मपुरी जिले के साबूदाना किसानों ने राज्य सरकार के सामने बड़ी मांग रखी है. किसानों ने सरकार से राशन दुकानों के जरिए साबूदाना वितरित करने की डिमांड की है. किसानों का कहना है कि इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और साबूदाना के दाम बेहतर मिल सकेंगे. जिले में करीब 35 हजार एकड़ में साबूदाना की खेती होती है और प्रति एकड़ लगभग 30 टन उत्पादन होता है. लेकिन लंबे समय से किसानों को सही कीमत नहीं मिल रही है.

किसानों के अनुसार, बागवानी विभाग ने साबूदाना उद्योगों, साबूदाना सर्व और किसानों के साथ बैठक भी की थी, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हुआ. उद्योगों ने बाजार में मांग की कमी का हवाला दिया. अब किसान सरकार से राशन दुकानों के माध्यम से सागो वितरण की पहल करने की मांग कर रहे हैं.

हर महीने करीब 25 हजार रुपये खर्च होते हैं

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हरूर के किसान एस. मुथुसामी ने कहा कि साबूदाना की खेती  की लागत पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गई है. एक एकड़ में लगभग 30 टन उत्पादन होता है, लेकिन फसल को तैयार करने में हर महीने करीब 25 हजार रुपये खर्च होते हैं. साबूदाना को पकने में करीब 11 महीने लगते हैं और मौजूदा दाम 12 से 16 हजार रुपये प्रति टन मिलने पर भी किसानों की आमदनी बहुत कम है. उन्होंने कहा कि बेहतर कीमतों की जरूरत है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है.

अंतिम फैसला राज्य सरकार को ही लेना है

धर्मपुरी के एक अन्य किसान के. पेरुमल ने कहा कि जिले में सागो उद्योग नहीं होने के कारण उन्हें अपना अधिकांश व्यापार सलेम में करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि मजदूरी, परिवहन और खाद जैसे सभी खर्च काफी बढ़ गए हैं, जिससे खेती में मुनाफा नहीं बच रहा है. उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि राशन दुकानों के जरिए प्रति परिवार 2 किलो सागो वितरित किया जाए, जिससे बाजार में साबूदाना की मांग सीधे तौर पर बढ़ सके. वहीं, बागवानी विभाग  के अधिकारियों ने कहा कि किसानों की यह मांग पहले भी सामने आती रही है और विभाग इससे अवगत है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला राज्य सरकार को ही लेना है.

साबूदाना ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और तुरंत ताकत देता है

साबूदाना ऊर्जा का अच्छा स्रोत है और तुरंत ताकत देता है. यह पाचन को बेहतर बनाता है, कैल्शियम के कारण हड्डियों को मजबूत करता है और आयरन की मौजूदगी से खून की कमी दूर करने में मदद करता है. ग्लूटेन-फ्री होने की वजह से यह एलर्जी वालों के लिए भी सुरक्षित है. गर्मियों में यह शरीर को ठंडक देकर थकान कम करता है. साबूदाना त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है और भूख को संतुलित करके वजन बढ़ाने या घटाने में सहायक हो सकता है. साथ ही, यह व्यायाम करने वालों के लिए भी बेहतरीन ऊर्जा प्रदान करता है.

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Published: 13 Jan, 2026 | 11:52 AM

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