गर्मी में भी नहीं घटेगा दूध उत्पादन, रोज 60-80 लीटर पानी और हरा चारा रखेगा गाय-भैंस को स्वस्थ

गर्मी के मौसम में सही देखभाल, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी देने से दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन कम नहीं होता. पशुपालन विभाग के अनुसार हरा चारा, साफ पानी और छायादार जगह पशुओं को स्वस्थ रखते हैं. समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई से पशु सुरक्षित रहते हैं और डेयरी से अच्छी कमाई संभव होती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 27 Feb, 2026 | 09:32 PM

Dairy Farming: गर्मी शुरू होते ही पशुपालकों की चिंता बढ़ जाती है, क्योंकि तेज तापमान का असर दुधारू पशुओं पर जल्दी पड़ता है. कई बार गर्मी के कारण पशु कम चारा खाते हैं और दूध उत्पादन घट जाता है. लेकिन पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार अगर समय रहते सही देखभाल और खानपान पर ध्यान दिया जाए तो गर्मियों में भी दूध उत्पादन अच्छा बना रह सकता है. सही प्रबंधन अपनाकर पशुपालक नुकसान से बच सकते हैं और अच्छी कमाई भी कर सकते हैं.

गर्मी में पशुओं को दें संतुलित आहार

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार गर्मियों में पशुओं के खानपान  का खास ध्यान रखना जरूरी है. ज्यादा सूखा भूसा देने से पशुओं के शरीर में गर्मी बढ़ती है और दूध कम हो सकता है. इसलिए पशुओं को 40 से 60 प्रतिशत तक हरा चारा जरूर देना चाहिए. नेपियर घास, ज्वार, बाजरा और गिनी घास जैसे हरे चारे पशुओं के लिए अच्छे माने जाते हैं. हरा चारा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी भी पूरी करता है. इसके साथ ही संतुलित दाना देना भी जरूरी है. मक्का, गेहूं या जौ का दलिया, खली और चोकर मिलाकर दाना देने से पशु मजबूत रहते हैं.

रोजाना करीब 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर और 50 ग्राम नमक देना भी जरूरी माना जाता है. ज्यादा दूध देने वाले पशुओं को बाईपास फैट और रोस्टेड सोयाबीन देने से अतिरिक्त ताकत मिलती है और दूध उत्पादन स्थिर रहता है.

साफ पानी से बढ़ता है दूध उत्पादन

गर्मी के मौसम में पानी  की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. पशुओं को दिन में कई बार साफ और ठंडा पानी देना चाहिए. रोजाना 60 से 80 लीटर तक पानी देने से पशु हाइड्रेटेड रहते हैं और उनका पाचन भी अच्छा रहता है. पर्याप्त पानी मिलने से दूध उत्पादन पर भी अच्छा असर पड़ता है. खासकर भैंसों को गर्मी ज्यादा लगती है, इसलिए उन्हें दिन में एक या दो बार नहलाना चाहिए. कई पशुपालक बाड़ों में पानी के स्प्रे या स्प्रिंकलर का इस्तेमाल करते हैं जिससे वातावरण ठंडा रहता है और पशुओं को आराम मिलता है.

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सही आहार और पानी से पशु रहेंगे स्वस्थ हमेशा.

बाड़े की सही व्यवस्था जरूरी

पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार गर्मी में बाड़े की व्यवस्था सही होना बहुत जरूरी है. पशुओं को छाया वाली जगह पर रखना चाहिए ताकि तेज धूप से बचाव  हो सके. छत पर हरी शीट लगाना, छायादार ढांचा बनाना या गीले बोरे या जूट के पर्दे लगाना फायदेमंद होता है. पशुओं के बीच थोड़ी दूरी रखनी चाहिए ताकि गर्मी कम लगे. बाड़े की सफाई भी समय-समय पर करनी चाहिए. फर्श पर पुआल बिछाने से जमीन की गर्मी कम होती है और पशुओं को आराम मिलता है. पशुओं को सुबह और शाम के समय ही चराने ले जाना चाहिए ताकि लू से बचाव हो सके.

समय पर टीकाकरण से रहें सुरक्षित

गर्मी के मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है. मौसम बदलने पर वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण होने की संभावना रहती है. इसलिए समय पर टीकाकरण  बहुत जरूरी है. पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार मुंह-खुर जैसी बीमारियों से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाना जरूरी है. कई पशुपालक गर्मी के कारण टीकाकरण टाल देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है.

बरसात से पहले पशुओं को पूरी तरह सुरक्षित करना जरूरी होता है. नियमित देखभाल, साफ-सफाई और सही खानपान से पशु स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन  अच्छा बना रहता है. विशेषज्ञों का मानना है कि दूध उत्पादन केवल मौसम पर नहीं बल्कि पशुपालक की देखभाल पर भी निर्भर करता है. अगर सही तरीके अपनाए जाएं तो गर्मियों में भी गाय और भैंस भरपूर दूध दे सकती हैं और डेयरी का काम लाभकारी बना रह सकता है.

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Published: 27 Feb, 2026 | 09:32 PM

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