उत्तर भारत में मौसम का बड़ा उलटफेर, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने बढ़ाई आंधी-तूफान और बारिश, क्या मॉनसून फिर होगा लेट?

Western Disturbance India: भारत के उत्तर हिस्से में एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. राजस्थान से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत तक तेज आंधी, बारिश, धूल भरी हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की घटनाएं हुई हैं. यह मौसम सिस्टम मॉनसून की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं को कमजोर कर रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 02:29 PM

North India Weather Update: उत्तर-पश्चिम भारत और आसपास के इलाकों में मौसम अचानक बदल गया है. इसका मुख्य कारण एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस है, जिसकी वजह से राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं, बिजली गिरने और ओले पड़ने जैसी घटनाएं हुई हैं. यह सिस्टम तब सक्रिय हुआ जब मॉनसून की हवाएं अभी पूरी तरह मजबूत नहीं थीं, इसी वजह से मौसम में काफी बदलाव और अस्थिरता देखने को मिल रही है.

कई राज्यों में फैला प्रभाव क्षेत्र

यह मौसम प्रणाली रविवार सुबह तक बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई थी. इसका असर कराकोरम रेंज से लेकर हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक देखा गया. आगे यह प्रभाव नागपुर और रायपुर तक भी पहुंच गया. इसकी हवाएं दक्षिण भारत तक पहुंच गई हैं और केरल के मॉनसून क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी तक भी असर डाल रही हैं.

मानसून की रफ्तार पर ब्रेक

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से मॉनसून आगे बढ़ने में रुकावट आ रही है. यह सिस्टम मॉनसून की दक्षिण-पश्चिमी हवाओं को कमजोर कर रहा है, जिसके कारण केरल में मॉनसून की शुरुआत अभी नहीं हो पा रही है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग का मानना है कि यह मॉनसून से पहले आने वाला आखिरी बड़ा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हो सकता है.

गर्मी और बारिश का मिला-जुला असर

इस मौसम सिस्टम की वजह से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई है. लेकिन इसके कमजोर पड़ने या हटने के बाद उत्तर भारत में फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है. पिछले कुछ दिनों में धूल भरी आंधियों और ठंडी हवाओं ने तापमान को काफी हद तक कम रखा था, लेकिन अब मौसम धीरे-धीरे फिर से गर्म हो सकता है.

लक्षद्वीप क्षेत्र में बना बादलों का समूह अब दक्षिण-पश्चिम दिशा में खिसककर मालदीव के ऊपर पहुंच गया है. वहीं विशाखापत्तनम के पास मौजूद बादल भी अब टूटकर बिखर चुके हैं. इससे साफ है कि पूरे इलाके में मौसम तेजी से बदल रहा है.

मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां अभी अधूरी

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो रही है. हालांकि, केरल में मॉनसून की स्थायी शुरुआत के लिए जरूरी दक्षिण-पश्चिमी हवाएं अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हैं, इसलिए मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है.

आगे का मौसम अनुमान

मौसम मॉडल के अनुसार 3 से 5 जून के बीच ऊपरी वायुमंडल में हवाएं थोड़ी मजबूत हो सकती हैं, लेकिन उसके बाद इनके कमजोर होने की संभावना है. इसके अलावा, जमीन के पास चलने वाली हवाएं अभी भी लगातार मजबूत नहीं हैं. इससे संकेत मिल रहा है कि मॉनसून की पूरी और स्थिर शुरुआत में अभी थोड़ा और समय लग सकता है.

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