Strawberry Farming at Home: अब लोग अपने किचन गार्डन में सिर्फ सब्ज़ियों ही नहीं, बल्कि स्ट्रॉबेरी जैसे फलों को भी उगाने में दिलचस्पी लेने लगे हैं. शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग छत पर बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं. बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आने वाला यह फल स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर भी होती है. अब लोग इसे बाजार से खरीदने के बजाय अपने घर की छत या गार्डन में उगाना पसंद कर रहे हैं.
स्ट्रॉबेरी उगाना आसान है
रिपोर्ट्स के अनुसार कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि घर पर स्ट्रॉबेरी उगाना कोई मुश्किल काम नहीं है. इसको उगाने के लिए सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और उचित मात्रा में पानी देकर आसानी से उगाया जा सकता है. स्ट्रॉबेरी विटामिन-सी, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स से भरपूर होती है, जो सेहत के लिए बहुत लाभकारी तत्व माने जाते है.
सही जगह और धूप जरूरी
स्ट्रॉबेरी के पौधे के लिए सही स्थान का चुनाव सबसे अहम होता है. पौधे को सुबह की हल्की धूप और खुली हवा पसंद होती है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी जगह चुननी चाहिए, जहां पौधों को रोजाना 4 से 6 घंटे की धूप मिल सके. बहुत अधिक तेज धूप या पूरी छाया में रखने से पौधा कमजोर हो सकता है और फलन प्रभावित होता है.
पौधा लगाने का तरीका
स्ट्रॉबेरी उगाने के लिए सर्वप्रथम नर्सरी से छोटे पौधे या स्टॉलन (रनर) खरीद लें. चाहें तो बीज से भी पौधा उगा सकते है, लेकिन इस प्रक्रिया में अधिक समय लग जाता है. शुरुआती लोगों के लिए पौधे या रनर से उगाना ज्यादा आसान और सफल माना जाता है. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, स्ट्रॉबेरी की ‘विंटर डॉन’ प्रजाति के पौधे बेहतर परिणाम देते हैं.
गमला और मिट्टी का रखें खास ध्यान
स्ट्रॉबेरी उगाने के लिए गमला कम से कम 8-10 इंच गहरा होना चाहिए और मिट्टी हल्की, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए. मिट्टी का पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच सबसे उपयुक्त माना जाता है. आप चाहे तो इसे उगाने के लिए ग्रो बैग का भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते है.
रोपाई का सही तरीका
पौधे की रोपाई के लिए बालू, गोबर की खाद और उपजाऊ मिट्टी का मिश्रण तैयार कर गमले में भरें. पौधे को 2 से 3 इंच की गहराई में लगाएं और इस बात का ध्यान रखें कि जड़ें अच्छी तरह ढकी रहें. पौधों के बीच 20-30 सेंटीमीटर की दूरी रखें, ताकि उन्हें बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.
खाद और कीट नियंत्रण
खाद के रूप में घर में बनी गोबर की खाद, हरी खाद या वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें. महीने में एक बार हल्की मात्रा में खाद देना पर्याप्त होता है. फल आने के समय अधिक खाद देने से बचें. कीट लगने की स्थिति में नीम के तेल या जैविक कीटनाशक का छिड़काव करें.
60–90 दिन में मिलने लगते हैं फल
पौधा लगाने के करीब 60 से 90 दिनों के भीतर स्ट्रॉबेरी में फल आने लगते हैं. जब फल पूरी तरह लाल हो जाए और हल्का नरम महसूस हो, तभी उसकी तुड़ाई करें. सही देखभाल से घर पर उगाई गई स्ट्रॉबेरी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और सेहतमंद भी होती है.