आदित्य ने मछली को बनाया हेल्दी स्नैक, फिश चिप्स और अचार की डिमांड दूसरे राज्यों तक पहुंची

Success Story: आदित्य ने 2025 में रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए 5 लाख रुपए की ग्रांट मिलने के बाद फिश स्नैक्स बिजनेस शुरू किया. वह मछली आधारित ऐसे उत्पाद बना रहे हैं, जो प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर हैं. इनमें पाम ऑयल, कृत्रिम रंग और प्रिजर्वेटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 13 Jul, 2026 | 01:42 PM

मध्य प्रदेश में पहली बार मछली से चिप्स, अचार और टेंगल जैसे पैकड फ़ूड स्नेक्स तैयार हो रहे है. मंडला जिले के सिमरिया गांव के युवा उद्यमी आदित्य कुमार पंद्रे ने यह नवाचार कर एक मिसाल कायम की है. उन्होंने मछली पालन को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि वैल्यू एडिशन के जरिए इसे सफल कारोबार में बदल दिया. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-रफ्तार के सहयोग से शुरू हुए उनके स्टार्टअप क्लेवर फिश फूड प्राइवेट लिमिटेड में प्रदेश में पहली बार मछली और प्रॉन से पैक्ड रेडी-टू-ईट हेल्दी स्नैक्स तैयार किए जा रहे हैं. कंपनी के उत्पाद अब मध्यप्रदेश के कई जिलों के साथ बिहार के मोतिहारी और बेतिया तक पहुंच रहे हैं.

5 लाख रुपये की ग्रांट पाकर शुरू किया फिश स्नैक्स बिजनेस

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार आदित्य का स्टार्टअप वर्ष 2025 में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में आरकेवीवाई-रफ्तार (Rashtriya Krishi Vikas Yojana) योजना के तहत इंक्यूबेट हुआ. यहां से रिसर्च और प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए 5 लाख रुपए की ग्रांट मिली. इसी सहयोग से उन्होंने मछली आधारित ऐसे उत्पाद विकसित किए, जो प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर हैं. इनमें पाम ऑयल, कृत्रिम रंग और प्रिजर्वेटिव का उपयोग नहीं किया जाता.

किसानों की परेशानी बनी स्टार्टअप की प्रेरणा

मत्स्य विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर आदित्य वर्ष 2017 से मत्स्य क्षेत्र में किसानों के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने देखा कि उत्पादन के बाद बाजार और कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पाती. इसी समस्या का समाधान खोजते हुए उन्होंने मछली का वैल्यू एडिशन शुरू किया, जिससे उत्पादों की शेल्फ लाइफ करीब छह महीने तक बढ़ गई और मछली किसानों के लिए नए बाजार खुलने लगे.

Aditya Kumar Pandre From Madhya pradesh

आदित्य कुमार पंद्रे.

आदिवासी महिलाओं को भी मिल रहा रोजगार

स्टार्टअप स्थानीय और आदिवासी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उत्पादन कार्य से जोड़ रहा है. वर्तमान में यहां फिश चिप्स, फिश टेंगल, लेमन मसाला फिश, फिश पिकल, प्रॉन चिप्स, प्रॉन टेंगल, लेमन मसाला प्रॉन और प्रॉन पिकल तैयार किए जा रहे हैं. कंपनी कुछ नए वैल्यू एडेड उत्पादों पर भी रिसर्च कर रही है.

8 लाख का निवेश, अब बड़े प्लांट की तैयारी

आदित्य ने बताया कि अब तक रिसर्च, ट्रेडमार्क, लैब वैलिडेशन, कंपनी रजिस्ट्रेशन, मशीनरी और मार्केटिंग पर करीब 8 लाख रुपए का निवेश किया जा चुका है. अगले चरण में बड़े स्तर पर उत्पादन इकाई स्थापित कर उत्पादन क्षमता और बाजार का विस्तार करने की तैयारी है. इसके अलावा आदित्य कुमार पंद्रे को वर्ष 2023 में नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से फिश वेटरिनरी समिट में बेस्ट एंटरप्रेन्योर अवार्ड से सम्मानित किया गया. वहीं, संभाग स्तरीय मिलेट्स फेस्टिवल एवं मेले में फिश एवं प्रॉन आधारित वैल्यू एडेड उत्पादों के लिए उनकी कंपनी को प्रथम पुरस्कार भी मिल चुका है.

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Published: 13 Jul, 2026 | 01:38 PM

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