कृषि निर्यात को मिली बड़ी सफलता, पहली बार ऑस्ट्रिया पहुंचा भारतीय एग पाउडर

Odisha Egg Powder Export: ओडिशा के बलांगीर जिले से पहली बार 22.6 टन सूखे अंडे के पाउडर (ड्राइड होल एग पाउडर) की खेप ऑस्ट्रिया भेजी गई है. यह निर्यात एपीडा के सहयोग से हुआ है और इसे भारत के कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड निर्यात के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. अंडे के इस पाउडर का इस्तेमाल बेकरी, खाद्य उद्योग और दवा निर्माण में किया जाता है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 21 Jun, 2026 | 09:54 AM

India Egg Powder Export: भारत के कृषि और खाद्य उत्पादों की मांग दुनिया भर में बढ़ रही है. इसी बीच ओडिशा के बलांगीर जिले से पहली बार सूखे अंडे के पाउडर (Dried Whole Egg Powder) का निर्यात ऑस्ट्रिया किया गया है. इस खेप का कुल वजन 22.6 मीट्रिक टन है. इसे ओडिशा और देश दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इस कदम से भारतीय खाद्य उत्पादों को विदेशों में नई पहचान मिलने की उम्मीद है. साथ ही, इससे अंडा उत्पादन से जुड़े किसानों और पोल्ट्री कारोबार को भी फायदा हो सकता है. इससे भारत के खाद्य निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में देश की मौजूदगी और मजबूत होगी.

हली बार विदेश भेजा गया अंडे का पाउडर

इस निर्यात को वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली एपीडा (APEDA) का सहयोग मिला है. ऑस्ट्रिया भेजी गई सूखे अंडे के पाउडर की यह खेप बलांगीर स्थित ओवीओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है, जो एपीडा से मान्यता प्राप्त निर्यातक कंपनी है.

इस सफलता से भारतीय पोल्ट्री उद्योग और खाद्य उत्पादों के लिए यूरोप के बाजार में नए अवसर खुल सकते हैं. यह उपलब्धि इस बात का भी संकेत है कि भारतीय उत्पाद अब क्वालिटी के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर रहे हैं, जिससे विदेशों में उनकी मांग बढ़ने की उम्मीद है.

बलांगीर में बना आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने साल 2025 में बलांगीर में अंडों से जुड़े उत्पाद तैयार करने का एक आधुनिक प्लांट लगाया था. यहां बनने वाले उत्पाद देश और विदेश के खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किए जाते हैं. इस प्लांट को FSSC 22000 Version 6, HALAL और KOSHE जैसे महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र मिले हुए हैं. इसके अलावा यह यूरोपीय देशों के स्वच्छता और क्वालिटी संबंधी नियमों का भी पालन करता है. यही कारण है कि यहां तैयार उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी पहचान और स्वीकार्यता मिल रही है.

क्या होता है ड्राइड होल एग पाउडर?

ड्राइड होल एग पाउडर तरल अंडों को खास तकनीक से सुखाकर बनाया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना भी आसान होता है. इसका इस्तेमाल बेकरी उत्पादों, मिठाइयों, पैक्ड खाद्य पदार्थों और दवा उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है. उत्पाद की क्वालिटी बनाए रखने के लिए निर्माण के दौरान कई चरणों में जांच की जाती है, ताकि यह अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतर सके.

22.6 टन की खेप हुई रवाना

ऑस्ट्रिया भेजी गई इस खेप का कुल वजन 22.6 मीट्रिक टन है. इसे एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने वर्चुअल माध्यम से रवाना किया. इस दौरान ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बलांगीर जिला प्रशासन के प्रतिनिधि, कंपनी के अधिकारी और एपीडा के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद रहे. एपीडा ने इस परियोजना को बुनियादी ढांचे के विकास, खाद्य सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और प्रयोगशाला परीक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान की है.

ऑस्ट्रिया सहित कई यूरोपीय देश खाद्य उद्योग में अंडे के पाउडर का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में यह निर्यात भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे यह भी संकेत मिलता है कि यूरोपीय बाजारों में भारतीय प्रोसेस्ड फूड उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है.

किसानों और उद्योग को मिलेगा फायदा

इस सफलता से ओडिशा में पोल्ट्री और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा. इससे नए निवेश आकर्षित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के कृषि आधारित उद्योगों को नई मजबूती मिलेगी. यह उपलब्धि भारत की उस बढ़ती क्षमता को भी दर्शाती है, जिसके बल पर देश अब केवल कच्चे कृषि उत्पाद ही नहीं, बल्कि वैल्यू एडेड और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का भी बड़ा निर्यातक बनता जा रहा है.

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Published: 21 Jun, 2026 | 08:42 AM

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