पहली बार स्वीट ऑरेंज की खेप बाहर भेजी गई, अधिक भाव मिलने का रास्ता खुला तो किसानों के चेहरे खिले

एचपी शिवा परियोजना के तहत स्वीट ऑरेंज की सप्लाई दूसरे राज्यों के बाजारों तक किए जाने को मील का पत्थर माना जा रहा है. इससे न केवल प्रदेश के किसानों की मेहनत और उत्पादित फलों की गुणवत्ता प्रमाणित हुई है, बल्कि किसानों को अपनी उपज का स्थानीय बाजार की तुलना में अधिक भाव मिलने का रास्ता भी पक्का हुआ है.

नोएडा | Updated On: 2 Jan, 2026 | 11:37 AM

हिमाचल प्रदेश के स्वीट ऑरेंज किसानों को उनकी उपज की सप्लाई दूसरे प्रदेशों में किए जाने से बड़ी राहत मिली है. इससे किसानों को ज्यादा भाव मिलने का रास्ता तो साफ हुआ ही है और उनकी उपज को खेत में पड़े रहने से सड़ने का खतरा भी कम हो गया है. एचपी शिवा परियोजना के तहत आज हिमाचल से पहली बार 70 क्विंटल स्वीट ऑरेंज की ऐतिहासिक खेप बाहर भेजी गई. हरियाणा की फ्रूट कंपनी के साथ ही हुए समझौते से किसानों की उपज तुरंत बिकने से किसानों को चेहरे खिल गए.

हिमाचल प्रदेश की एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत फल उत्पादन और विपणन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है. पहली बार प्रदेश से लगभग 70 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले स्वीट ऑरेंज की एकमुश्त खेप हरियाणा के पिंजौर स्थित महाजन फ्रूट कंपनी, जिला पंचकूला को सफलतापूर्वक भेजी गई. यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले हिमाचल से इतनी बड़ी मात्रा में स्वीट ऑरेंज को एक साथ व्यावसायिक विपणन के लिए बाहर नहीं भेजा गया था.

हिमाचल के फल किसान राष्ट्रीय बाजार से जुड़े

इस उपलब्धि को एचपी शिवा परियोजना के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है. इससे न केवल प्रदेश के किसानों की मेहनत और उत्पादित फलों की गुणवत्ता प्रमाणित हुई है, बल्कि हिमाचल के फल उत्पादकों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है. इसके साथ ही किसानों को अपनी उपज का स्थानीय बाजार की तुलना में अधिक भाव मिलने का रास्ता भी पक्का हुआ है.

महाजन फ्रूट कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर लिया

एचपी शिवा परियोजना के लाभार्थी किसान भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि महाजन फ्रूट कंपनी जैसी प्रतिष्ठित मार्केटिंग एजेंसी को पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में स्वीट ऑरेंज की आपूर्ति होना परियोजना की सफलता को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि किसानों के विश्वास, वैज्ञानिक मार्गदर्शन और संगठित विपणन व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिससे भविष्य में किसानों को बेहतर दाम और स्थायी बाजार मिलने का रास्ता खुलेगा.

एचपी शिवा परियोजना के लाभार्थी किसान भूपेंद्र ठाकुर.

2400 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में हैं स्वीट ऑरेंज के बागान

हिमाचल प्रदेश में स्वीट ऑरेंज (संतरा) खासकर बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना, सिरमौर, हमीरपुर और सोलन जैसे जिलों में खूब उगाया जाता है. राज्य में स्वीट ऑरेंज का कुल बागवानी क्षेत्र लगभग 2,472 हेक्टेयर के आसपास है, जो अच्छी कीमतें नहीं मिलने से किसानों की अरुचि के चलते पिछले कुछ वर्षों से रकबा लगभग स्थिर दर्ज हो रहा है.

स्वीट ऑरेंज के लिए 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिला भाव

बाजार में स्वीट ऑरेंज का भाव मंडियों में मौसम व क्वालिटी के हिसाब से बदलता है, लेकिन 2025 के अंत में हिमाचल प्रदेश की मंडियों में संतरे का औसत भाव लगभग 3,500 रुपये से 7,800 रुपये प्रति क्विंटल यानी 35–78 रुपये प्रति किलो के बीच देखा गया है. कुछ स्थानों पर अच्छी गुणवत्ता वाली उपज का भाव 8,000–10,000 रुपये प्रति क्विंटल तक भी मिला है.

Published: 2 Jan, 2026 | 11:11 AM

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