केंद्र सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के कर्मचारियों के वेतनमान, भत्तों और पदोन्नति नियमों में व्यापक बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सोमवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार कृषि संबंधी तकनीक, प्रशिक्षण और वैज्ञानिक जानकारी किसानों तक पहुंचाने वाले केवीके कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में अंशदान और सेवानिवृत्ति लाभ का वित्तपोषण राज्य सरकारों की जिम्मेदारी होगी.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को मजबूत बनाने के लिए राज्यों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है. नई दिल्ली में कार्य योजना की समीक्षा बैठक करते हुए उन्होंने मार्च 2027 तक प्राथमिकता वाले 300 केवीके के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स के उन्नयन और दिसंबर 2028 तक सभी केवीके में इनक्यूबेशन सेंटर और कौशल केंद्र स्थापित करने के लक्ष्यों पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए.
केवीके कर्मचारियों के वेतन और पदोन्नति में सुधार
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के कर्मचारियों से जुड़े सुधारों पर भी विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि केवीके कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पदोन्नति से संबंधित प्रस्तावों को व्यय विभाग (डीओई) की ओर से मंजूरी दे दी गई है. कर्मचारियों के लिए एनपीएस योगदान और सेवानिवृत्ति लाभ उपलब्ध कराने में राज्य सरकारों की भूमिका पर भी जोर दिया गया.
खाली पदों पर समय पर भर्ती की अपील
राज्यों से केवीके के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके लिए खाली पदों पर समय पर भर्ती करने और केवीके की अनिवार्य गतिविधियों के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता पक्की करने के निर्देश दिए गए हैं.
सभी केवीके में बनेंगे इनक्यूबेशन और कौशल केंद्र
दिसंबर 2028 तक सभी केवीके में इनक्यूबेशन और कौशल केंद्र स्थापित करने के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई. इसके तहत केवीके का कृषि आधारित उद्यमों, तकनीकी भागीदार संस्थानों और जिले की विशिष्ट कृषि संभावनाओं के साथ मैपिंग की जा रही है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हर केवीके के अनुसार योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि वित्त पोषण और क्रियान्वयन में जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा सके.
राज्यों की सक्रिय भागीदारी पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने निर्धारित समय सीमा के भीतर केवीके के उन्नयन का लक्ष्य हासिल करने के लिए राज्य सरकारों की सक्रिय भागीदारी और समय पर सहयोग की जरूरत पर बल दिया. कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ केवीके के उन्नयन के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता जुटाने को लेकर बातचीत की है. कई राज्यों ने अपने राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से कार्य योजना लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
महाराष्ट्र समेत चार राज्यों ने डीपीआर सौंपी
बैठक में बताया गया कि महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और छत्तीसगढ़ ने प्राथमिकता वाले केवीके के उन्नयन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भेज दी है. अन्य राज्य तैयारी और कार्यान्वयन के अलग-अलग चरणों में हैं. सरकार का लक्ष्य केवीके को आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों की जरूरतों के अनुरूप अधिक सक्षम संस्थान के रूप में विकसित करना है.