होली से पहले किसानों के खाते में पहुंचे 10,324 करोड़, राज्य सरकार ने भेजी इनपुट सहायता राशि   

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सहायता राशि की मदद से किसान दोहरी खुशी के साथ होली मना पाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी पहलों के जरिए उपज की समय पर खरीद और पेमेंट की जा रही है. जीरो इंटरेस्ट पर एग्रीकल्चर लोन दिया जा रहा है और किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत कवरेज को बढ़ाया गया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 1 Mar, 2026 | 12:19 PM

होली से पहले छत्तीसगढ़ के किसानों को बड़ा तोहफा मिला है. मुख्यमंंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों के खाते में 10,324 करोड़ रुपये की इनपुट सहायता भेजी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर में धान बेचने वाले किसानों को यह रकम दी गई है, जो मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किए गए पेमेंट के बीच के अंतर को भरती है. यानी जिन किसानों की धान एमएसपी से कम कीमत पर बिकी थी, उनके खाते उस अंतर राशि की भरपाई की गई है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना के तहत 25.28 लाख किसानों के बैंक अकाउंट में इनपुट मदद के तौर पर 10,324 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए और कहा कि उनकी सरकार किसानों की खुशहाली के लिए कमिटेड है. यह रकम बिल्हा डेवलपमेंट ब्लॉक के रहंगी गांव में हुए किसानों के एक इवेंट के दौरान दी गई. यह इनपुट मदद धान की खरीद के बदले राज्य सरकार द्वारा किसानों को दिए जाने वाले मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP- केंद्र द्वारा तय) के अंतर की रकम है.

बिलासपुर के 1.24 लाख किसानों के खाते में पहुंचे 494 करोड़

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य भर में धान बेचने वाले किसानों को यह रकम दी, जो मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किए गए पेमेंट के बीच के अंतर को दिखाती है. बिल्हा विकास खंड के रहंगी गांव में आयोजित “आदान सहायता वितरण योजना” (इनपुट सहायता वितरण समारोह) में मुख्यमंत्री 494.38 करोड़ रुपये बिलासपुर जिले के 1,25,352 किसानों को ट्रांसफर किए गए. जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने 15.99 करोड़ रुपये के सात डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और 247.18 करोड़ रुपये के 82 कामों की नींव रखी.

सहायता राशि से किसान दोगुनी खुशी से होली मनाएंगे

किसानों ने मुख्यमंत्री और दूसरे मेहमानों को खुमरी और नांगर जैसे पारंपरिक खेती के औजार देकर सम्मानित किया. इस मौके को किसानों के लिए एक सम्मान बताते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस सहायता राशि की मदद से किसान ज्यादा फाइनेंशियल सिक्योरिटी के साथ होली मना पाएंगे. सरकार की किसान हितैषी पहलों के बारे में बताते हुए उन्होंने बोरियों की उपलब्धता, समय पर खरीद पेमेंट, ज़ीरो इंटरेस्ट एग्रीकल्चरल लोन और किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत बड़े कवरेज का ज़िक्र किया.

फर्टिलाइजर सब्सिडी और सिंचाई सुविधाएं मजबूत

उन्होंने कहा कि राज्य धान के अच्छे दाम दे रहा है और किसानों की खुशहाली बढ़ाने के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और कोऑपरेटिव संस्थाओं को मजबूत करने जैसे कदम उठा रहा है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर इलाके में लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज़्म खत्म होने वाला है, और भरोसा जताया कि मार्च 2026 तक तय टारगेट पूरे हो जाएंगे. उन्होंने टूरिज्म की संभावनाओं और पशुपालन को बढ़ावा देने और दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ हुए एक समझौते के बारे में भी बात की.

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