उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीनी संकट की बात हो रही है, लेकिन यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि प्रदेश में 28 लाख टन चीनी का स्टॉक है, जो करीब सात महीने की खपत के लिए पर्याप्त है. इसलिए चीनी संकट की अफवाह मत फैलाएं. उन्होंने सपा सरकार में चीनी मिलों को बंद किए जाने पर तीख तंज कसा. वहीं, सपा ने कहा कि सीएम और सरकार यह बताए कि अगर चीनी उपलब्ध है तो उसके दाम क्यों बढ़ रहे हैं. चीनी मिल मालिकों से आगामी चुनाव में फायदा लेने का आरोप सपा ने योगी सरकार पर लगाया.
यूपी के पास अगले 7 महीने का चीनी स्टॉक मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में कृषि विभाग के लिए चुने गए 3446 टेक्निकल असिस्टेंट और 126 मार्केट सेक्रेटरी को नियुक्ति पत्र सौंपे. नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कि आप देख रहे हैं कि चीनी संकट को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है. प्रदेश की एक महीने की कुल खपत चार लाख टन है और हमारे पास 28 लाख टन उपलब्ध है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हमारे पास 7 महीने की चीनी उपलब्ध है.
यूपी में मासिक चीनी खपत केवल 4 लाख टन है
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चीनी संकट की बात हो रही है, लेकिन यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है. यूपी में चीनी की कुल मासिक खपत 4 लाख टन है. इसके मुकाबले हमारे पास 28 लाख टन का स्टॉक है. यानी हमारे पास सात महीने की सप्लाई मौजूद है.
15 अक्टूबर से शुरू होगी गन्ना पेराई
सीएम ने कहा कि हम 15 अक्टूबर को चीनी मिलें फिर से शुरू करेंगे, इसलिए हम अपनी मिलों के जरिए 90 लाख टन (यानी 900 लाख क्विंटल) और चीनी का उत्पादन करेंगे. यूपी में इतने बड़े पैमाने पर उत्पादन की क्षमता है. यूपी में न केवल अपनी 25 करोड़ की आबादी, बल्कि भारत की पूरी 140 करोड़ की आबादी की जरूरतें पूरी करने की क्षमता है.
सपा पर चीनी मिलों को बर्बाद करने का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले गन्ना किसान बर्बाद हो चुके थे. जब हम 2017 में सत्ता में आए, तो राज्य के गन्ना किसानों का 2009 से ही अलग-अलग चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य का बकाया था. 2007 और 2017 के बीच तत्कालीन समाजवादी पार्टी ने 29 चीनी मिलें बंद कर दी थीं और 21 चीनी मिलें बहुत कम दामों पर बेच दी थीं.
खूब स्टॉक है तो चीनी महंगी होकर 70 रुपये पर क्यों बिक रही- सपा
समाजवादी पार्टी के अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह वाकई हैरान करने वाली बात है कि चीनी की कीमत में इतनी भारी बढ़ोतरी हुई है. 45 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 70 रुपये हो गई है. योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि चीनी का स्टॉक भरपूर और पर्याप्त है. अगर स्टॉक काफी है और मांग में कोई उछाल नहीं है, तो कीमतों में यह भारी बढ़ोतरी सिर्फ एक बात साबित करती है. चीनी मिल मालिकों और उत्पादकों को अपनी शर्तें थोपने की छूट दी जा रही है ताकि वे चुनाव अभियान में प्रभावी ढंग से मदद कर सकें.