कपास की आवक मंडियों में शुरू हो गई है और इसके साथ ही भारतीय कपास निगम ने सरकारी खरीद के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की मंडी में कपास की खरीद शुरू की गई और पहले दिन कपास का भाव 8411 रुपये मिला है. हालांकि, किसानों को नीलामी में ज्यादा भाव मिलने की उम्मीद है. किसानों ने कहा है कि यह भाव 10 हजार रुपये तक मिले तो उनका मुनाफा अच्छा रहेगा. इस बीच कपास बुवाई का रकबा 69 हजार हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है. ऐसे में मांग ज्यादा और उत्पादन कम रहने से किसानों को अच्छा भाव मिलने की संभावना है.
कपास खरीद के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन 31 अक्टूबर तक होंगे
भारतीय कपास निगम (CCI) की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कपास खरीद के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन 1 सितंबर 2026 से शुरू कर दिए गए हैं. उपज बिक्री के इच्छुक किसानों के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. वहीं, नई फसल की आवक के साथ मंडियों में कपास की खरीद और शुरुआती गतिविधियां सितंबर से शुरू हो चुकी हैं, जबकि पूर्ण खरीद और तेजी अक्टूबर से आगे जोर पकड़ेगी.
पहले दिन एमएसपी 8411 रुपये पर बिका कपास
मध्य प्रदेश के खरगोन की आनंद नगर कृषि उपज मंडी में कपास के नए सीजन की शुरुआत नीलामी के साथ हुई. पूर्व कृषि राज्यमंत्री एवं खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने नीलामी का शुभारंभ कराया. पहले ही दिन 500 से अधिक वाहन और करीब 100 बैलगाड़ियों से किसान कपास लेकर मंडी पहुंचे. किसान अश्विन दांगी के कपास से भरे पहले वाहन की बोली 8 हजार 411 रुपये प्रति क्विंटल रही, जबकि नमी वाली कपास 7 से 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिकी.
कपास का मूल्य 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल मिलने की उम्मीद
पूर्व कृषि राज्यमंत्री और खरगोन विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस सीजन में कपास का भाव 10 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने की उम्मीद है. किसानों ने भी 10 हजार तक भाव मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा कि तभी उन्हें मुनाफा हो सकेगा. वहीं, स्थानीय किसानों ने कहा कि कपास की नमी मात्रा में राहत दे, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके. वहीं, व्यापारियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम उत्पादन के चलते बेहतर भाव की संभावना है.

पूर्व राज्य कृषि मंत्री और मौजूदा विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कपास मूल्य 10 हजार पहुंचने की उम्मीद जताई.
कपास का सरकारी न्यूनतम समर्थ मूल्य कितना है
केंद्र सरकार ने इस सीजन 2026-27 के लिए कपास की दोनों कैटेगरी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है. लॉन्ग स्टेपल कपास यानी लंबे रेशे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 8,667 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. जबकि, मीडियम स्टेपल कपास यानी मध्यम रेशा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,267 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित गया है,
कपास का रकबा घटा, राज्यवार बुवाई आंकड़े देखिए
कपास की खेती का क्षेत्रफल पिछले वर्ष की इसी अवधि के 109.87 लाख हेक्टेयर की तुलना में लगभग 109.17 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो 69 हजार हेक्टेयर की कमी दिखाता है. क्षेत्रफल में सबसे अधिक कमी राजस्थान में 1.05 लाख हेक्टेयर, हरियाणा में 90 हजार हेक्टेयर, पंजाब में 43 हजार हेक्टेयर दर्ज की गई है. दूसरी ओर तेलंगाना में 1.14 लाख हेक्टेयर, गुजरात में 66 हजार हेक्टेयर कपास की खेती का क्षेत्रफल अधिक रहा है. कुल मिलाकर कपास की खेती के क्षेत्रफल में गिरावट मुख्य रूप से राजस्थान और हरियाणा में हुई भारी कमी के कारण है, जिसके बाद पंजाब में गिरावट आई है, जिसने तेलंगाना और गुजरात में दर्ज की गई वृद्धि को काफी हद तक बेअसर कर दिया है.