PM Kisan Yojana: फार्मर आईडी नहीं बनने पर भी मिलेगी पीएम सम्मान निधि, 73 लाख किसानों को बड़ी राहत
Farmer ID Updates: बिहार में फरवरी के पहले सप्ताह में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान चलाया गया है. लेकिन, अभी भी 30 लाख से ज्यादा किसानों की फार्मर आईडी बननी बाकी हैं. कृषि मंत्री ने आंकड़े जारी करते हुए किसानों को सलाह दी है कि वह फार्मर आईडी बनवा लें.
किसानों का डाटा डिजिटल उपलब्ध कराने और ट्रैक करने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के इरादे से डिजिटल आईडी यानी फार्मर आईडी बनवाई जा रही हैं. देशभर में अभियान चलाकर किसानों की डिजिटल पहचान के रूप में फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया चल रही है. जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी होगी उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा. लेकिन, बिहार सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी हैं उन्हें भी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिलेगी.
पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त (PM Kisan Samman Nidhi 22nd Installment) का किसान इंतजार कर रहे हैं. बिहार में फरवरी के पहले सप्ताह में किसानों की फार्मर आईडी बनाने का अभियान चलाया गया है. काफी संख्या में किसानों की फार्मर आईडी बननी बाकी हैं. ऐसे में किसानों को डर सता रहा था कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं मिलेगा. लेकिन, बिहार सरकार ने राहत भरी सूचना देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि फार्मर आईडी नहीं बनी है तो घबराने की जरूरत नहीं है. पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त मिलेगी.
फार्मर आईडी पर कृषि मंत्री ने दिया अपडेट
बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रेसवार्ता में बताया कि फार्मर आईडी नहीं बनने पर भी किसानों को योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा. किसान आईडी नहीं बनने पर भी पीएम सम्मान निधि मिलेगी. उन्होंने कहा कि किसान आईडी नहीं बनने पर भी पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की राशि मिलती रहेगी. हालांकि, भविष्य में लाभ जारी रखने के लिए किसान आईडी बनवाना जरूरी है.
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45 लाख ने बनवाई फार्मर आईडी, 30 लाख की बननी बाकी
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि राज्य में अभी तक 45.18 लाख किसानों की आईडी तैयार हो चुकी है. 2 फरवरी से 6 फरवरी तक राज्य में अभियान चलाकर किसानों की फार्मर आईडी बनाई गई हैं. जो किसान छूट गए हैं उन्हें अपनी फार्मर आईडी बनवा लेनी चाहिए. क्योंकि, राज्य में 73 लाख से ज्यादा किसान हैं. इन किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के साथ ही अन्य योजनाओं का भी लाभ दिया जा रहा है.
फार्मर रजिस्ट्री किसानों की डिजिटल पहचान#FarmerRegistry pic.twitter.com/AtggegXpNX
— Agriculture Department, Govt. of Bihar (@Agribih) February 14, 2026
10 मिनट में केसीसी लोन मिलने की सुविधा शुरू होगी
कृषि मंत्री ने कहा कि फार्मर आईडी बनने के बाद इसमें एक और सुविधा देने की तैयारी है. जिसके तहत किसानों को 10 से 15 मिनट में केसीसी लोन मिल जाएगा. मंत्री ने कहा कि विधानमंडल सत्र के समापन के बाद मैं स्वयं और अधिकारी क्षेत्र में जाएंगे. किसानों, स्टार्टअप से जुड़े लोग, नवाचारी किसानों से विमर्श करेंगे. उन्होंने बताया कि कृषि आधारित स्टार्टअप पॉलिसी बनाने की तैयारी हो रही है. ऐसा करने वाला बिहार तीसरा राज्य होगा. इससे युवाओं को खेती से जोड़ने का काम होगा.
सोनाचूर चावल और टिपिया धान के बाद दीघा का मालदा जीआई टैग के लिए भेजा गया
कृषि निदेशक उद्यान सौरभ सुमन यादव ने कहा कि दीघा के मालदा को जीआई टैग का प्रस्ताव भेजा जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि पटना में दीघा का दुधिया मालदा, शाहाबाद क्षेत्र का सोनाचूर चावल मुंगेर का टिपिया धान, समस्तीपुर के बहुआ आम को जीआई टैग के लिए भेजा गया है. राज्यभर में 934 ग्रामीण हाटों को विकसित किया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि गया में पान की मंडी खुलेगी. यूरिया का स्टॉक किसानों को पता चले इसके लिए कृषि ऐप में नया फीचर जोड़ा जा रहा है.